विराटनगर में अस्पताल के नाम वाली वैन से 60 किलो गांजा बरामद: जांच के दौरान चालक वाहन छोड़कर फरार, तस्करी के नेटवर्क की तलाश
जोगबनी (अररिया)। भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के मोरंग जिले के विराटनगर में सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वैन से करीब 60 किलो गांजा बरामद किया है। खास बात यह है कि जिस वैन से गांजा बरामद हुआ, उस पर ‘दिव्य ज्योति अस्पताल प्रा.लि.’ लिखा हुआ था। बताया जा रहा है कि वाहन का इस्तेमाल भारत से मरीजों को लाने-ले जाने में किया जाता था।
वाहन की जांच शुरू होते ही चालक वैन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। बरामद गांजा और वैन को सशस्त्र प्रहरी बल ने जब्त कर लिया है। फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
कोलर चौक पर जांच के दौरान भागा चालक
जानकारी के अनुसार, विराटनगर महानगरपालिका-16 के दरैया स्थित कोलर चौक पर सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल के बीओपी दरैया की एपीएफ टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान जवानों ने को 1 च 6620 नंबर की सुजुकी वैन को रोककर जांच करने का प्रयास किया।
जैसे ही जवानों ने वाहन की जांच शुरू की, चालक वैन को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। चालक के अचानक भागने के बाद सुरक्षाकर्मियों को संदेह हुआ और वैन की गहन तलाशी ली गई।
दो बोरों में मिला करीब 60 किलो गांजा
तलाशी के दौरान वैन के अंदर रखे दो बोरों से गांजा बरामद हुआ। सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, दोनों बोरों में करीब 60 किलो गांजा था।
बरामदगी के बाद सशस्त्र प्रहरी बल की टीम ने वैन और गांजे को जब्त कर लिया। फरार चालक की पहचान और उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों की ओर से जांच की जा रही है।
अस्पताल के नाम वाली वैन से बरामदगी ने बढ़ाई चिंता
मामले में सबसे अहम पहलू वैन पर लिखा ‘दिव्य ज्योति अस्पताल प्रा.लि.’ का नाम है। गांजा बरामद होने के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि वाहन का वास्तविक मालिक कौन है और उसका अस्पताल से क्या संबंध है।
जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि वैन वास्तव में मरीजों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होती थी या किसी अन्य उद्देश्य के लिए। साथ ही बरामद गांजे से वाहन मालिक, चालक या किसी अन्य व्यक्ति का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवा की आड़ में तस्करी की आशंका
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मरीजों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य सेवा से जुड़े वाहन का इस्तेमाल कथित तौर पर नशीले पदार्थों की ढुलाई में हुआ है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही हैं कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
बीओपी दरैया में रखा गया वाहन और गांजा
फिलहाल बरामद वैन और गांजे को बीओपी दरैया में रखा गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियां फरार चालक की तलाश के साथ-साथ पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। चालक की गिरफ्तारी के बाद ही गांजा तस्करी के स्रोत, गंतव्य और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।