राहुल गांधी की अजमल कसाब से तुलना पर विवाद, कांग्रेस सेवा दल ने रिटायर्ड IAF अधिकारी के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराई
नई दिल्ली। कांग्रेस सेवा दल की लीगल सेल ने रिटायर्ड भारतीय वायुसेना अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अनूप वर्मा के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दोषी अजमल कसाब से की।
मंगलवार को अनूप वर्मा ने X पर राहुल गांधी और अजमल कसाब की तस्वीरों वाला एक कोलाज साझा किया। दोनों तस्वीरों में बैग लिए नजर आ रहे हैं। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बाईं ओर मौजूद व्यक्ति भारत के लिए ज्यादा खतरनाक है। कोलाज में बाईं ओर राहुल गांधी की तस्वीर लगाई गई थी।
पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस सेवा दल की लीगल सेल ने कहा है कि मामले को उचित कानूनी माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस सेवा दल ने क्या कहा?
कांग्रेस सेवा दल की लीगल सेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, उसके नेताओं और सदस्यों को निशाना बनाने वाली किसी भी दुर्भावनापूर्ण या गैरकानूनी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन के मुताबिक, संवैधानिक पदों को बदनाम करने, कांग्रेस नेताओं की मानहानि करने या लोकतांत्रिक असहमति को आतंकवाद के बराबर बताने जैसी गतिविधियों को कानूनी माध्यम से चुनौती दी जाएगी।
लीगल सेल ने संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अधिकार पर कानून के तहत कुछ उचित प्रतिबंध भी लागू होते हैं। संगठन ने कहा कि वह संविधान, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लागू साइबर कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल करेगा।
कांग्रेस सेवा दल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
रिटायर्ड IAF अधिकारी ने भी जताई आपत्ति
अनूप वर्मा की पोस्ट पर रिटायर्ड भारतीय वायुसेना अधिकारी सार्जेंट कर्मवीर सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की तुलना एक दोषी आतंकवादी से की गई है और इस संबंध में साइबर शिकायत दर्ज कराई गई है।
कर्मवीर सिंह ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक बहस में सम्मान और शालीनता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, विपक्ष के नेता की आलोचना की जा सकती है, लेकिन आतंकवादी से इस तरह की तुलना पर आपत्ति है।
मैथ्यू वैनडाइक मामले का भी किया जिक्र
कर्मवीर सिंह ने अपने बयान में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक के मामले का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की एक अदालत ने 18 सितंबर को वैनडाइक को डिफॉल्ट जमानत दी थी। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही थी।
वैनडाइक को मार्च में छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ NIA ने गिरफ्तार किया था। आरोप था कि समूह ने भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया और बाद में म्यांमार गया, जहां उसने ड्रोन युद्ध सहित अन्य गतिविधियों में जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण दिया।
अदालत के सामने यह बात आई थी कि NIA की चार्जशीट में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं शामिल थीं, लेकिन UAPA की धाराएं नहीं थीं। अदालत ने जांच पूरी करने की निर्धारित कानूनी अवधि के संबंध में भी विचार किया। जमानत मिलने के बाद रिपोर्ट के अनुसार सभी विदेशी आरोपी भारत छोड़ चुके हैं।
कर्मवीर सिंह ने वैनडाइक मामले का हवाला देते हुए अनूप वर्मा पर ‘चुनिंदा देशभक्ति’ का आरोप लगाया।
कौन था अजमल कसाब?
अजमल कसाब नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों में जिंदा पकड़ा गया एकमात्र आतंकवादी था। 26 से 29 नवंबर के बीच मुंबई में हुए हमलों में 10 आतंकियों ने अलग-अलग स्थानों पर हमला किया था। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई और 238 लोग घायल हुए थे।
सुरक्षा बलों ने कसाब को जिंदा गिरफ्तार किया था, जबकि अभियान के दौरान बाकी नौ हमलावर मारे गए थे।
मुंबई की विशेष अदालत ने कसाब को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी। 29 अगस्त 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अपील खारिज करते हुए मृत्युदंड की पुष्टि की थी। कसाब को हत्या और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने समेत कई अपराधों में दोषी ठहराया गया था। 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में उसे फांसी दी गई।