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Monday, September 21, 2026

सहरसा BJYM नेता हत्याकांड में आर्यन का कबूलनामा: ‘मैंने ही अपने दोस्त को मारा’, बर्थडे, पिस्टल और स्मैक विवाद में हुई हत्या

अभिजीत हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकला हत्यारा; हथियारों की पूजा के दौरान विवाद में चली गोली

सहरसा। सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर में 25 वर्षीय अभिजीत सिंह उर्फ अभिजीत कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य नामजद आरोपी और मृतक के दोस्त आर्यन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हथियारों की पूजा के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद गोली चलने से अभिजीत की मौत हो गई।

बंद कमरे में मिला था अभिजीत का शव

शुक्रवार दोपहर गौतम नगर स्थित अभिजीत के मकान के एक बंद कमरे में उसका शव मिला था। उसके सिर में गोली लगी थी और चेहरे पर तकिया रखा हुआ था। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए।

हत्या के बाद बाइक, मोबाइल और नकदी गायब

परिजनों के अनुसार, घटना के बाद अभिजीत की बुलेट बाइक, सोने की चेन, पर्स, दो मोबाइल फोन और घर में रखे करीब 7 लाख रुपये गायब थे। पुलिस ने हत्या के साथ इन सामानों के गायब होने के बिंदु पर भी जांच शुरू की।

भाई ने आर्यन और शंतू पर लगाया था आरोप

मृतक के छोटे भाई अनंत कुमार ने पुलिस को दिए बयान में आर्यन कुमार सिंह और पंचवटी चौक निवासी शंतू सिंह पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। अनंत के अनुसार, अभिजीत ने पहले शंतू सिंह द्वारा 10 लाख रुपये में हत्या की साजिश रचने की बात बताई थी।

हालांकि पुलिस जांच में अब तक आर्यन कुमार सिंह की गिरफ्तारी हुई है। शंतू सिंह से जुड़े आरोपों और अन्य लोगों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।

बर्थडे पार्टी के बाद घर पहुंचे थे दोनों

पुलिस के अनुसार, अभिजीत और आर्यन एक बर्थडे पार्टी में साथ गए थे। पार्टी के बाद दोनों अभिजीत की बुलेट बाइक से गौतम नगर स्थित उसके मकान पर लौटे और एक ही कमरे में सो गए।

पुलिस का कहना है कि सुबह करीब चार बजे आर्यन का एक अन्य दोस्त भी वहां पहुंचा। इसके बाद सभी ने अपने-अपने पिस्टल निकाले और विश्वकर्मा पूजा के दौरान हथियारों की पूजा की।

हथियारों के लेनदेन को लेकर विवाद

पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान अभिजीत और आर्यन के बीच हथियारों के कारोबार और लेनदेन को लेकर विवाद शुरू हो गया। पुलिस का दावा है कि विवाद बढ़ने पर अभिजीत ने पहले अपने पिस्टल से आर्यन पर गोली चलाई। इसके जवाब में आर्यन ने अभिजीत के सिर में गोली मार दी।

गोली लगने से अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आर्यन और उसका साथी वहां से फरार हो गए। अभिजीत का शव कमरे में ही पड़ा रहा।

एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों से की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर विशेष जांच एवं छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने एफएसएल जांच के साथ तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। संदिग्धों की गतिविधियों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।

24 घंटे में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सदर थाना कांड संख्या 1155/2026 दर्ज करने के बाद सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान और पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद आरोपी आर्यन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आर्यन बरुआरी वार्ड-8, थाना लौकहा, जिला सुपौल का रहने वाला है।

अन्य आरोपियों और गायब सामान की तलाश

सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने रविवार शाम प्रेस वार्ता में हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। गिरफ्तार आर्यन से पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों, इस्तेमाल किए गए हथियारों और गायब सामान की बरामदगी को लेकर छापेमारी कर रही है।

पुलिस परिवार की ओर से लगाए गए शंतू सिंह से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की बात पुलिस ने कही है।