पटना में आयकर विभाग की महिला अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, क्लर्क भी पकड़ी गई
पटना में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आयकर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर सुनंदा कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उनके साथ विभाग की एक महिला क्लर्क को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि एक NGO को 12A और 80G प्रमाणपत्र जारी करने के बदले कुल ₹75 हजार की रिश्वत मांगी गई थी।
CBI के अनुसार, NGO की शिकायत के बाद पटना स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मामले की जांच की। शिकायत सही पाए जाने के बाद DSP रुबी चौधरी के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की।
15 हजार रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं
NGO प्रतिनिधि के मुताबिक, संस्थान ने फरवरी में 12A और 80G प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि सुनवाई के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर ने प्रमाणपत्र जारी करने के बदले ₹75 हजार की मांग की। इसके अलावा स्टाफ के लिए ₹10 हजार देने की बात कही गई।
शिकायत मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया। NGO प्रतिनिधि ने अधिकारी से संपर्क कर तय रकम देने की बात कही। इसके बाद आयकर गोलंबर स्थित आयकर कार्यालय में पैसे देने की योजना बनाई गई।
CBI के ट्रैप के दौरान ₹15 हजार अधिकारी द्वारा लिए गए, जबकि ₹2,500 स्टाफ के नाम पर लिए जाने का आरोप है। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, पहले से मौजूद CBI टीम ने असिस्टेंट कमिश्नर और महिला क्लर्क को पकड़ लिया।
क्लर्क के जरिए रिश्वत लेने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोप है कि असिस्टेंट कमिश्नर ने रिश्वत की रकम लेने में विभागीय क्लर्क की मदद ली। कार्रवाई के दौरान CBI ने रिश्वत की रकम भी बरामद की है।
गिरफ्तारी के बाद CBI टीम दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है।
बिहार के NGO से रिश्वत मांगने का आरोप
NGO प्रतिनिधि ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी पर बिहार के अलग-अलग जिलों के NGO से प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। CBI अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इससे पहले भी इस तरह के लेन-देन हुए हैं।
CBI आयकर कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत मांगने का यह अकेला मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है।
NGO के लिए 12A और 80G क्यों जरूरी?
12A और 80G प्रमाणपत्र NGO के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। 12A के तहत पात्र संस्थाओं को आयकर में निर्धारित छूट मिल सकती है, जबकि 80G के तहत पात्र दानदाताओं को संस्था को दिए गए दान पर टैक्स में छूट का लाभ मिल सकता है। दोनों प्रमाणपत्रों के लिए अलग-अलग कानूनी और आयकर संबंधी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
नोट: रिश्वत लेने के आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।