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Thursday, September 3, 2026

BIHAR:ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान BSF जवान मनीष कुमार सिंह की मौत

कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान बेगूसराय के BSF जवान मनीष कुमार सिंह की मौत

बेगूसराय। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात बेगूसराय के रतनपुर निवासी BSF जवान मनीष कुमार सिंह की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब दो दिन पहले वेंटिलेटर पर रखा गया था। बुधवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

जवान की मौत की खबर मिलते ही रतनपुर स्थित उनके घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिचित उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी थी तबीयत

परिजनों के अनुसार, मनीष कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में BSF में तैनात थे। करीब चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद साथी जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू हुआ।

हालत में सुधार नहीं होने पर करीब दो दिन पहले उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। परिवार और साथी जवानों को उम्मीद थी कि इलाज के बाद मनीष स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सीमावर्ती क्षेत्रों में निभाई ड्यूटी

परिजनों के मुताबिक, BSF में भर्ती होने के बाद मनीष कुमार सिंह ने अपने सेवाकाल का बड़ा हिस्सा सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में ड्यूटी करते हुए बिताया। देश की सुरक्षा से जुड़े कई अभियानों में उनके योगदान की भी बात परिजनों ने बताई है।

परिजनों ने हाल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई कार्रवाई में भी उनकी भूमिका होने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से नहीं हो सकी है।

शरीर पर गोली लगने के निशान होने का दावा

परिजनों का कहना है कि मनीष के शरीर पर गोली लगने के कई निशान थे। परिवार के अनुसार, देश की रक्षा करते हुए उन्होंने कई जोखिम भरे क्षेत्रों में ड्यूटी की थी।

मिलनसार स्वभाव के थे मनीष

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मनीष कुमार सिंह खुशमिजाज और मिलनसार स्वभाव के थे। छुट्टी में घर आने पर वे गांव के लोगों और परिचितों से आत्मीयता से मिलते थे। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

पार्थिव शरीर लाने के लिए परिजन रवाना

मनीष के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनके भतीजे और साला कुपवाड़ा के लिए रवाना हो गए हैं। वहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे जवान का पार्थिव शरीर लेकर रतनपुर लौटेंगे।

तिरंगा यात्रा के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई

स्थानीय लोगों के अनुसार, मनीष कुमार सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद तिरंगा यात्रा निकालकर उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी की जा रही है। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों के जुटने की उम्मीद है।

देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले मनीष कुमार सिंह के अचानक निधन से उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा रतनपुर शोक में डूबा हुआ है। ग्रामीण बेसब्री से अपने वीर जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।