सहरसा में बच्ची से दुष्कर्म की सूचना पर पुलिस का त्वरित एक्शन, 6 घंटे में तीन नाबालिग हिरासत में
सहरसा। सदर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की सूचना मिलते ही सहरसा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह घंटे के भीतर मामले में नामजद तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध कर लिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सोमवार को सदर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रभारी एसडीपीओ ओमप्रकाश ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग बालिका को खेलने के बहाने बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए जाने का आरोप है।
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचाया गया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पीड़िता को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। चिकित्सकों द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया गया।
पीड़िता की मां के फर्द बयान के आधार पर सदर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।
एसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग, प्रभारी एसडीपीओ ओमप्रकाश और सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एफएसएल टीम की भी मदद ली गई।
पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक नमूने और भौतिक साक्ष्य जुटाकर उन्हें वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
छह घंटे में तीनों विधि-विरुद्ध बालक निरुद्ध
पुलिस के अनुसार घटना की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर प्राथमिकी में नामजद तीनों विधि-विरुद्ध बालकों को छह घंटे के अंदर निरुद्ध कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
तीनों विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध करने वाली टीम का नेतृत्व सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने किया। टीम में पुअनि अमित रंजन, पुअनि रोशन कुमार, पुअनि चंचल कुमारी, पुअनि शारदा कुमारी सहित सदर थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ तकनीकी और मानवीय अनुसंधान को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस की विशेष टीम घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान और ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।