विक्की मेहता हत्याकांड का खुलासा: पूर्णिया के मोस्ट वांटेड अखिलेश यादव समेत 4 गिरफ्तार, वर्चस्व और पुरानी रंजिश में हत्या का दावा
मधेपुरा। पुरैनी थाना क्षेत्र के नया टोला चौक के समीप स्टेट हाईवे-58 पर 14 सितंबर की शाम हुई विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) की हत्या का पुलिस ने चार दिन में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मदद से चलाए गए संयुक्त अभियान में पूर्णिया के कुख्यात अखिलेश कुमार यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा और 8 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुरैनी थाना क्षेत्र के बघरा निवासी ललन कुमार उर्फ शेतु (21), नया टोला निवासी श्रीधर मंडल (55), चौसा थाना क्षेत्र के रसलपुर धुरिया निवासी नीतीश कुमार (20) और पूर्णिया जिले के रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के मोजमपट्टी निवासी अखिलेश कुमार यादव (40) के रूप में हुई है।
वर्चस्व और पुरानी रंजिश को बताया हत्या की वजह
गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में प्रेस वार्ता के दौरान एसपी डॉ. संदीप सिंह ने हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
एसपी के मुताबिक, इलाके में वर्चस्व की लड़ाई, पुरानी रंजिश और विक्की मेहता के बढ़ते आपराधिक एवं राजनीतिक प्रभाव को लेकर हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस का कहना है कि हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई।
बरामद हथियार को लेकर आरोपियों के खिलाफ अलग से आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
12 सदस्यीय एसआईटी ने तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंच बनाई
घटना के बाद मृतक की भाभी सह नरदह पंचायत की मुखिया रीता कुमारी के फर्द बयान पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उदाकिशुनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी सर्विलांस, वैज्ञानिक साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद लगातार छापेमारी करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
स्टेट हाईवे पर घेरकर की गई थी फायरिंग
14 सितंबर की शाम विक्की मेहता नया टोला चौक के पास स्टेट हाईवे-58 पर जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान बाइक सवार शूटरों ने उन्हें घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग में विक्की को कई गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
पहले से 5 नामजद और 8-10 अज्ञात पर दर्ज था केस
परिजनों के आवेदन पर पुलिस ने बिहारीगंज के गोरपार निवासी दुर्गा यादव, उदाकिशुनगंज के शाकिब और नीतीश राणा, नया टोला निवासी पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष अमित कुमार उर्फ लाल तथा पुरैनी निवासी गुड्डू यादव को नामजद किया था। इसके अलावा 8 से 10 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि हत्या से पहले सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की ओर से धमकियां दी जा रही थीं। पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पूर्णिया के अखिलेश पर कई संगीन मामले
गिरफ्तार अखिलेश कुमार यादव का पूर्णिया जिले में आपराधिक इतिहास बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ रघुवंशनगर थाना में कई मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
विक्की मेहता पर भी दर्ज थे कई आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, मृतक विक्की मेहता का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पुरैनी थाना में 11, सिंहेश्वर में 3, उदाकिशुनगंज में 2, ग्वालपाड़ा में 1 और पूर्णिया जिले के रूपौली थाना में 1 मामला दर्ज था। इस तरह उसके खिलाफ कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इन मामलों में रंगदारी, डकैती, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं शामिल बताई गई हैं। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) लगाने का प्रस्ताव भी भेजा गया था।
हत्या के बाद बढ़ा था तनाव
विक्की मेहता की हत्या के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस को तैनात किया गया था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम भी किया था। पुलिस अधिकारियों ने समझाकर जाम समाप्त कराया था।
बाद में पुलिस की मौजूदगी में विक्की मेहता का अंतिम संस्कार कराया गया।
विधानसभा उपाध्यक्ष ने परिजनों से की मुलाकात
हत्याकांड के बाद बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष सह स्थानीय विधायक नरेंद्र नारायण यादव भी विक्की मेहता के परिजनों से मिलने उनके योगीराज स्थित आवास पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता, भाभी सह मुखिया रीता कुमारी और अन्य परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
उन्होंने परिवार को हरसंभव प्रशासनिक और कानूनी सहयोग का भरोसा दिलाया तथा पुलिस अधिकारियों से मामले में त्वरित अनुसंधान और हत्याकांड में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की साजिश और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच कर रही है।
एसआईटी और एसटीएफ की टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
कोशी लाइव की रिपोर्ट