Kosi Live-कोशी लाइव पटना जंक्शन पर विदेशी महिला गिरफ्तार, 3.05 किलो चरस जैसी वस्तु बरामद - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Friday, September 4, 2026

पटना जंक्शन पर विदेशी महिला गिरफ्तार, 3.05 किलो चरस जैसी वस्तु बरामद

पटना जंक्शन पर विदेशी महिला गिरफ्तार, 3.05 किलो चरस जैसी वस्तु बरामद

पटना। ऑपरेशन नार्कोस के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB), पटना की संयुक्त टीम ने पटना जंक्शन पर मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में एक नेपाली महिला को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 3.050 किलोग्राम चरस जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई है। बरामद पदार्थ को छह बंडलों में ब्राउन रंग के प्लास्टिक से लपेटकर रखा गया था।

आरपीएफ के मुताबिक, शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 12545 रक्सौल-एलटीटी कर्मभूमि एक्सप्रेस के सामान्य कोच में एक महिला यात्री मादक पदार्थ लेकर सफर कर रही है। सूचना के बाद आरपीएफ पोस्ट पटना जंक्शन के प्रभारी निरीक्षक साकेत कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ और एनसीबी की संयुक्त टीम गठित की गई।

प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर ट्रेन रुकते ही जांच

कर्मभूमि एक्सप्रेस करीब 1:48 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर पहुंची। इसके बाद टीम ने सामान्य कोचों की सघन जांच शुरू की। मुखबिर की निशानदेही पर एक संदिग्ध महिला यात्री को ट्रेन से उतारकर उसकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान महिला के पास से छह बंडल बरामद हुए। जांच करने पर बंडलों के अंदर चरस जैसी दिखने वाली वस्तु मिली। मौके पर सभी छह बंडलों को तौला गया, जिनका कुल वजन 3.050 किलोग्राम पाया गया। एनसीबी टीम ने गवाहों की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया के तहत बरामद पदार्थ को जब्त किया।

रक्सौल से मनमाड़ ले जाने की थी योजना

गिरफ्तार महिला की पहचान करीब 50 वर्षीय अकलिमा खातून, पति नाइमुद्दिन मियां, निवासी विश्रामपुर, डाकघर विश्रामपुर, थाना कलेया, जिला बारा, नेपाल के रूप में हुई है।

पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर बताया कि वह इस मादक पदार्थ को रक्सौल से मनमाड़ (महाराष्ट्र) ले जाकर बेचने वाली थी। इसके बदले उसे एक बार सामान रक्सौल से मनमाड़ पहुंचाने पर 10 हजार रुपये मिलने थे।

आरपीएफ के अनुसार, गिरफ्तार महिला और जब्त पदार्थ को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनसीबी पटना की टीम को सौंप दिया गया है। महिला के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और मादक पदार्थ की सप्लाई कहां से हुई थी।