जमुई बैड टच कांड की इनसाइड स्टोरी: पहले छात्र-छात्रा को रास्ते में रोका, फिर फोन कर नंदन को बुलाया; 15 मिनट बाद हुई बर्बरता, 8 आरोपी गिरफ्तार
जमुई। मड़वा पहाड़ के पास 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्रा और उसके सहपाठी के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले में घटना की पूरी तस्वीर अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। दैनिक जागरण की ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से दावा किया गया है कि मुख्य घटना से कुछ देर पहले भी छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर उनके साथ बदसलूकी की गई थी। दोनों किसी तरह वहां से निकलकर आगे बढ़े, लेकिन आरोप है कि युवकों ने उनका पीछा करने के बजाय अपने साथी नंदन यादव को फोन कर मौके पर बुला लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 15 मिनट बाद नंदन यादव अपने साथी हरेराम यादव के साथ वहां पहुंचा। इसके बाद छात्र के साथ मारपीट और छात्रा के साथ कथित तौर पर बैड टच किया गया। छात्रा को जबरन ले जाने का प्रयास किए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।
फोटोशूट के बाद घर लौट रहे थे छात्र-छात्रा
स्थानीय लोगों के अनुसार, 19 सितंबर की शाम दसवीं कक्षा की छात्रा और उसका सहपाठी फोटोशूट कराने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान मड़वा पहाड़ के आसपास सुनसान रास्ते पर कुछ युवक पहले से मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने दोनों को रास्ते में रोक लिया और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया।
दोनों किसी तरह वहां से बचकर आगे निकल गए। इसके बाद आरोप है कि वहां मौजूद युवकों ने मोबाइल फोन से अपने साथी नंदन यादव से संपर्क किया और उसे घटनास्थल की जानकारी देकर बुलाया।
15 मिनट बाद नंदन और हरेराम पहुंचे
ग्रामीणों से मिली जानकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि सूचना मिलने के करीब 15 मिनट बाद नंदन यादव अपने साथी हरेराम यादव के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि इसके बाद छात्र के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ भी कथित रूप से बदसलूकी की गई।
घटना के दौरान बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। पुलिस ने वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की।
पुलिस कार्रवाई में नंदन घायल, हरेराम भी जख्मी
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी को सक्रिय किया। पुलिस के अनुसार, कुंदर बराज के पास आरोपियों के साथ मुठभेड़ हुई। पुलिस की ओर से बताया गया कि आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव के पैर में गोली लगी।
वहीं, पुलिस के अनुसार, भागने के दौरान हरेराम यादव गड्ढे में गिरकर घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले में नंदन यादव और हरेराम यादव के अलावा तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी पुलिस ने निरुद्ध किया है।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा
पुलिस ने घटना के आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार, साइबर थाना पुलिस ने करीब 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिह्नित किया है, जिनसे वीडियो को शेयर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वीडियो प्रसारित करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चंद्रदीप थाना क्षेत्र के अलीगंज निवासी रामाशीष कुमार, सोनो थाना क्षेत्र के औरैया निवासी कुंदन कुमार और सदर थाना क्षेत्र के अड़सार निवासी फैयाज शामिल हैं।
जांच में पुलिस के सामने यह बात आने की जानकारी दी गई है कि रामाशीष घटना के समय मौके पर मौजूद था और उसी ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
अब तक 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इनमें मुख्य घटना से जुड़े पांच आरोपी शामिल हैं। इनमें नंदन यादव, हरेराम यादव और तीन विधि-विरुद्ध बालक बताए गए हैं।
इसके अलावा आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
मामले की जांच में एसआईटी के साथ जिला साइबर थाना और सीआईडी की कमजोर वर्ग इकाई भी शामिल है। पुलिस वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
प्रतापपुर में नंदन के घर पर मिला ताला
घटना के बाद दैनिक जागरण की टीम जब मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के गांव प्रतापपुर पहुंची तो उसके घर पर ताला लगा मिला। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार के सदस्य घर बंद कर कहीं चले गए हैं।
पड़ोसी मिलन यादव ने बताया कि नंदन पहले दूसरे राज्यों में चलने वाले ट्रकों में खलासी का काम करता था। कुछ समय पहले वह काम छोड़कर धान रोपाई के मौसम में गांव लौटा था। ग्रामीणों ने उसके गलत संगत में पड़ने का दावा किया है।
नंदन के चचेरे भाई कामेंद्र यादव ने भी घटना को गलत और शर्मनाक बताते हुए कहा कि नंदन को गांजा सेवन की आदत थी और परिवार के लोग उसे गलत संगत तथा नशे से दूर रहने के लिए समझाते थे। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मड़वा पहाड़ से प्रतापपुर तक सन्नाटा
घटना के बाद मड़वा पहाड़ और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सार्वजनिक स्थान पर हुई ऐसी घटना गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने मड़वा पहाड़ जैसे इलाकों में शाम के समय पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग भी की है। लोगों का कहना है कि इलाके में युवाओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, वायरल वीडियो के स्रोत और उसे प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर न हो, इसका ध्यान रखना भी जांच और रिपोर्टिंग में जरूरी है।