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Tuesday, August 4, 2026

कांवड़ यात्रा के दौरान गर्भवती महिला ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, SSP ने रखा नाम गणेश और कार्तिकेय

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कांवड़ यात्रा के बीच गूंजी किलकारी: सात माह की गर्भवती महिला ने जुड़वा बेटों को दिया जन्म, SSP ने रखा नाम कार्तिकेय और गणेश

मुजफ्फरनगर।

सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक भावुक और अनोखा दृश्य देखने को मिला। हरिद्वार-नीलकंठ से कांवड़ लेकर लौट रही सात माह की गर्भवती महिला कांवड़िया ने जिला महिला अस्पताल में जुड़वा बेटों को जन्म दिया। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय वर्मा अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मां और नवजातों का हालचाल जाना तथा महिला की सहमति से दोनों बच्चों का नाम कार्तिकेय और गणेश रखा।

दिल्ली के भलस्वा निवासी 20 वर्षीय नेहा अपने मोहल्ले की अन्य महिला कांवड़ियों के साथ ऋषिकेश से आगे नीलकंठ धाम से कांवड़ लेकर लौट रही थीं। सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंचने के दौरान उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उनके साथ चल रहे कांवड़ियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नेहा को पुलिस वाहन से जिला महिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया और सुरक्षित प्रसव कराया। सात माह की प्रीमैच्योर डिलीवरी होने के कारण दोनों नवजात बेटों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में भर्ती किया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

घटना की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जच्चा और बच्चों का हालचाल जाना, चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और महिला को पुष्पगुच्छ भेंट कर जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। डॉक्टरों के अनुसार, मां और दोनों नवजातों की हालत स्थिर और बेहतर है।

इसके बाद SSP संजय वर्मा अस्पताल पहुंचे और नवजातों को आशीर्वाद देते हुए मां नेहा को बधाई दी। उन्होंने बच्चों के लिए उपहार और फल भी भेंट किए। सावन के पावन माह और भगवान शिव की भक्ति से जुड़े इस विशेष अवसर को देखते हुए उन्होंने महिला की सहमति से दोनों बच्चों का नाम कार्तिकेय और गणेश रखने का सुझाव दिया, जिसे परिवार ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।

नेहा की हिम्मत की अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने भी सराहना की। उन्होंने बताया कि सात माह की गर्भवती होने के बावजूद वह करीब 130 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा कर रही थीं। नेहा ने बताया कि वह पड़ोस की महिलाओं के साथ घर से कांवड़ लेने निकली थीं और उन्हें अंदाजा नहीं था कि रास्ते में ही प्रसव हो जाएगा।

इस अनोखी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान घटी एक यादगार और भावुक घटना के रूप में साझा कर रहे हैं।