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Thursday, August 20, 2026

बिहार में डिटेर्जेंट युक्त MDM भोजन परोसने के मामले में हेडमास्टर सस्पेंड; तीन रसोइया पदमुक्त

नालंदा में मिड-डे मील खाने से 34 बच्चे बीमार, हेडमास्टर निलंबित और तीन रसोइया बर्खास्त

नूरसराय के मध्य विद्यालय परासी का मामला, भोजन सप्लाई करने वाली एजेंसी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी शोकॉज नोटिस; जांच के बाद एफआईआर का आदेश

नालंदा के नूरसराय प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने के बाद 34 बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, स्कूल में खाना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहीं तीनों रसोइयों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है।

घटना के बाद विभाग ने स्कूल में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति करने वाली एजेंसी 'एकता शक्ति फाउंडेशन' को भी शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके अलावा प्रखंड साधन सेवी और एमडीएम के डीपीएम से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

खाना खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी

जानकारी के अनुसार, मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआत में 15 बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। इनमें 11 छात्राएं और 4 छात्र शामिल थे।

इसके बाद गांव से कुछ और बीमार बच्चों को अस्पताल लाया गया। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराए गए बच्चों की कुल संख्या 34 हो गई, जिनमें 17 छात्राएं और 17 छात्र शामिल हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही मानकर कार्रवाई

नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचन्द्र ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होती है। इसी जिम्मेदारी के तहत प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार सिंह को निलंबित किया गया है।

वहीं, बच्चों को सुरक्षित और सही तरीके से भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विभाग ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए स्कूल में कार्यरत तीनों रसोइयों को सेवा से मुक्त कर दिया है।

भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को शोकॉज

मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील की आपूर्ति एकता शक्ति फाउंडेशन द्वारा की जाती है। फाउंडेशन का नूरसराय के रामगढ़ में सेंट्रलाइज्ड किचन बताया गया है, जहां भोजन तैयार होने के बाद स्कूल भेजा जाता है।

बच्चों के बीमार पड़ने के बाद विभाग ने फाउंडेशन को शोकॉज नोटिस जारी कर पूरे मामले पर जवाब मांगा है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि सेंट्रलाइज्ड किचन से स्कूल तक पहुंचाए गए भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।

प्रखंड साधन सेवी और एमडीएम डीपीएम से भी जवाब तलब

जिला शिक्षा विभाग ने मामले में निगरानी और मध्याह्न भोजन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रखंड साधन सेवी और एमडीएम के डीपीएम को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।

विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि स्कूल में भोजन की गुणवत्ता, वितरण और बच्चों को खाना खिलाने की प्रक्रिया की निगरानी में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई।

नमक की जगह सर्फ देने का आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि बच्चों के खाने में नमक की जगह कपड़े धोने वाला 'सर्फ' मिला दिया गया था। हालांकि, शिक्षा विभाग ने इस आरोप की फिलहाल पुष्टि नहीं की है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। खाने या नमक में वास्तव में क्या पदार्थ मिला था, इसकी आधिकारिक पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जांच के बाद दर्ज होगी एफआईआर

डीईओ ने नूरसराय के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पूरे मामले की जांच करने और दोषियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का भी आदेश दिया गया है।

फिलहाल बच्चों का इलाज कराया जा रहा है और विभाग घटना के कारणों की जांच में जुटा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह क्या थी और भोजन में किसी आपत्तिजनक पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं।