शंकरपुर में आंगनबाड़ी सेविका का आकस्मिक निधन: अचानक तबीयत बिगड़ने से गई जान, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने की मुआवजे की मांग
शंकरपुर (मधेपुरा)। शंकरपुर प्रखंड क्षेत्र के गिद्दा पंचायत के वार्ड नंबर 10 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 46 की सेविका सोनी कुमारी का शुक्रवार को अचानक निधन हो गया। बताया गया कि अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कर्मियों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया।
परिजनों के अनुसार, सोनी कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। मृतका के भैसुर राजेश साह और पति मुकेश कुमार ने बताया कि उनका निधन अप्रत्याशित रूप से हुआ। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विभागीय कर्मियों ने जताया शोक
आंगनबाड़ी सेविका के निधन की सूचना मिलते ही विभागीय कर्मी और संघ के प्रतिनिधि शोकाकुल परिवार के घर पहुंचे। महिला पर्यवेक्षिका सरोज कुमारी और आभा कुमारी ने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सोनी कुमारी एक समर्पित आंगनबाड़ी कर्मी थीं। उनके निधन से विभाग को भी अपूरणीय क्षति हुई है।
संघ ने सरकार से अनुग्रह राशि देने की मांग की
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला महासचिव सह प्रखंड अध्यक्ष बेबी कुमारी ने सोनी कुमारी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक कर्मठ साथी का असमय चले जाना संघ और परिवार दोनों के लिए बड़ी क्षति है।
उन्होंने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल उचित सरकारी अनुदान और अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने की मांग की। संघ ने कहा कि मृतका के परिवार को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवार को कुछ आर्थिक राहत मिल सके।
बड़ी संख्या में पहुंचे आंगनबाड़ी कर्मी और ग्रामीण
सोनी कुमारी के निधन की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी, स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
संवेदना व्यक्त करने वालों में जिला उपाध्यक्ष अनुराधा रानी, प्रखंड सचिव संतोष कुमारी, सेविका तारा देवी, रुकसाना फरहत, सोनी देवी, ममता कुमारी, गीता देवी और सहायिका कमरुन निशा सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मी और ग्रामीण शामिल रहे।
सभी ने दिवंगत सोनी कुमारी के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी में धैर्य रखने की कामना की।