नवादा में साइबर ठगी का खुलासा: लोन दिलाने के नाम पर महिलाओं से करती थी फ्रॉड, 24 वर्षीय युवती गिरफ्तार
नवादा: जिले में साइबर ठगी के एक मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 24 वर्षीय युवती को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवती प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, विभिन्न कंपनियों और दूसरी लोन योजनाओं के नाम पर लोगों को फोन कर ठगी करती थी। पुलिस के अनुसार, वह खुद को कभी बैंक मैनेजर तो कभी बैंक की कर्मचारी बताकर लोगों का भरोसा जीतती थी और इसके बाद लोन दिलाने के नाम पर उनसे जरूरी दस्तावेज और पैसे लेती थी।
गिरफ्तार युवती की पहचान अंकिता कुमारी, पिता शैलेन्द्र कुमार, निवासी बल्लोपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उसके घर से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया।
एसपी के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम
पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान को सूचना मिली थी कि जिले में युवतियों के माध्यम से साइबर ठगी की जा रही है। सूचना के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुजय विद्यार्थी की निगरानी में विशेष टीम का गठन किया गया।
वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बल्लोपुर गांव में छापेमारी की। इसी दौरान अंकिता कुमारी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी थाना कांड संख्या 02/26 के फरार अभियुक्त के घर पर की गई छापेमारी के दौरान हुई।
बैंक अधिकारी बनकर बनाती थी लोगों को निशाना
पुलिस के अनुसार, अंकिता प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत अलग-अलग लोन योजनाओं का हवाला देकर लोगों को फोन करती थी। वह खुद को बैंक मैनेजर या बैंक कर्मचारी बताकर लोन स्वीकृत कराने का भरोसा देती थी।
इसके बाद वह आवेदकों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और ई-मेल आईडी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मंगवाती थी। लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर उनसे प्रोसेसिंग फीस समेत अन्य मदों में पैसे लिए जाते थे।
महिलाओं को खास तौर पर बनाती थी निशाना
पुलिस का कहना है कि अंकिता विशेष रूप से महिलाओं को ठगी का शिकार बनाती थी। लोन मिलने की उम्मीद में लोग उसके बताए खातों या माध्यमों से रकम जमा कर देते थे, लेकिन बाद में उन्हें न तो लोन मिलता था और न ही जमा की गई रकम वापस होती थी।
इस मामले में वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 582/26 दर्ज कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।
दूसरे लोगों और नेटवर्क की तलाश
युवती के पास से मिले मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साथ ही उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर की गई संभावित ठगी की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अब मोबाइल में मौजूद संपर्क, बातचीत और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी अन्य लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।