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Monday, August 31, 2026

MADHEPURA:शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा: प्रदीप कुमार पप्पू, 5 सितंबर को जिला मुख्यालयों में शिक्षक सत्याग्रह का ऐलान

शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा: प्रदीप कुमार पप्पू, 5 सितंबर को जिला मुख्यालयों में शिक्षक सत्याग्रह का ऐलान

कोशी लाइव, मधेपुरा से पप्पू मेहता की रिपोर्ट

मधेपुरा। शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ का आंदोलन जारी है। संघ की जिला इकाई मधेपुरा की ओर से शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान और शिक्षा विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के विरोध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया।

धरना की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष भुवन कुमार ने की, जबकि संचालन जिला प्रधान सचिव संजय कुमार ने किया। धरना को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि शिक्षा विभाग शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने, बेहतर पठन-पाठन कराने और विभिन्न सरकारी कार्यों को समय पर पूरा करने की अपेक्षा करता है। इन निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर शिक्षकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई भी की जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के मामले में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी टालमटोल करते हैं। उनके अनुसार, शिक्षकों को अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। संघ ने आरोप लगाया कि विभागीय कार्यालयों में शिक्षकों के विभिन्न कार्यों के निष्पादन के नाम पर अवैध राशि की मांग की जाती है।

भ्रष्टाचार खत्म होने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विभाग में कथित भ्रष्टाचार और घूसखोरी पर रोक तथा शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान होने तक संघ का आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर संघर्ष को अब राज्यव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। 5 सितंबर 2026 यानी शिक्षक दिवस के अवसर पर बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में शिक्षक सत्याग्रह आयोजित कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

DEO को सौंपा मांगपत्र

धरना समाप्त होने के बाद बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित लिखित मांगपत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा। संघ ने जिला और बीआरसी स्तर के कार्यालयों में शिक्षकों के कार्यों के निष्पादन में कथित अवैध आर्थिक दोहन की व्यवस्था पूरी तरह बंद करने और कार्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

संघ ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान करने की मांग की। साथ ही प्रोन्नति से वंचित शिक्षकों की सेवा पुस्तिका और संबंधित अभिलेख, जो जिला एवं बीआरसी स्तर पर लंबे समय से लंबित हैं, उनका आवश्यक कार्रवाई के बाद जिला स्थापना कार्यालय से निष्पादन कराने की मांग रखी।

लंबित वेतन और बकाया राशि के भुगतान की मांग

शिक्षक संघ ने विभिन्न मामलों में लंबित वेतन और बकाया राशि का भुगतान जल्द कराने की मांग की। मांगपत्र में नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक के प्रोन्नति, अवकाश, वेतन संरक्षण समेत अन्य मदों की लंबित राशि का भुगतान अविलंब करने की मांग शामिल है।

संघ ने मई 2026 के मध्याह्न भोजन संचालन मद में वेंडरों की लंबित राशि का भुगतान कराने और जून 2026 से अद्यतन भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की।

इसके अलावा शिक्षकों के लंबित अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने तथा पूर्व की व्यवस्था के अनुसार उर्दू विद्यालयों में गुरुवार को हाफ-डे संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।

ऑनलाइन उपस्थिति और स्पष्टीकरण को लेकर भी आपत्ति

शिक्षक संघ ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होने या नियम के अनुसार अवकाश पर रहने के बावजूद शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया को बंद करने की मांग की।

संघ ने शिक्षा विभाग के जिला एवं प्रखंड स्तरीय कार्यालयों में शिक्षकों के कार्यों के निष्पादन के लिए समय सीमा निर्धारित करने तथा कार्यालयों में शिकायत पुस्तिका उपलब्ध कराने की मांग भी की, ताकि शिक्षक अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

EPF राशि की जांच और भुगतान की मांग

मांगपत्र में शिक्षकों के ईपीएफ से संबंधित मामले को भी उठाया गया। संघ ने कहा कि जिन शिक्षकों के वेतन से ईपीएफ मद में राशि की कटौती की गई है, लेकिन उनके ईपीएफ खाते में राशि जमा नहीं की गई, ऐसे मामलों की जांच कराई जाए और संबंधित शिक्षकों को उनका बकाया लाभ दिलाया जाए।

इसके अलावा विद्यालय प्रभार से जुड़े मामलों में शिक्षकों से कथित तौर पर राशि वसूलने की प्रक्रिया बंद करने और गलत तरीके से प्रभारी बनाने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की गई।

निलंबित शिक्षकों से वसूली का आरोप

संघ ने निलंबित शिक्षकों से विभिन्न तरीकों से कथित रूप से राशि वसूले जाने की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की मांग की। साथ ही शिक्षकों को अलग-अलग मामलों में स्पष्टीकरण से मुक्त करने के नाम पर कथित अवैध राशि वसूलने की परंपरा समाप्त करने की मांग की गई।

संघ ने कहा कि यदि किसी शिक्षक का काम निर्धारित समय पर कार्यालय में पूरा नहीं होता है तो इसके लिए जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में प्रमंडल उपाध्यक्ष रामविलास कुमार, कार्यालय सचिव जयकुमार ज्वाला, प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार, मुकेश कुमार, चंद्रशेखर चंद्रु, अशोक कुमार, उमेश कुमार सिंह, जयप्रकाश यादव, भूपेंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, मो. इकबाल, मिथिलेश मालाकार, मो. सजावुल, अजय कुमार, निशांत ठाकुर, संजय प्रताप, अरविंद कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, कृष्ण कुमार सिंह, रत्नेश कुमार, अब्दुस सलाम, शेखर कुमार, सुनीता कुमारी, पुष्पा कुमारी, वविता कुमारी, पंकज कुमार, दिवाकर कुमार, सुजीत कुमार, सुवानंद सरदार, भूपेंद्र मंडल, उपेंद्र शर्मा, राजेंद्र भारती और शैलेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और 5 सितंबर को शिक्षक सत्याग्रह के माध्यम से राज्यव्यापी आंदोलन को नई दिशा दी जाएगी।