मधेपुरा सिविल सर्जन का रुपये लेते कथित वीडियो वायरल, DM ने लिया संज्ञान; 3 सदस्यीय टीम करेगी जांच
उदाकिशुनगंज के निजी नर्सिंग होम से जुड़ा बताया जा रहा मामला; सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने आरोपों को बताया साजिश, कहा- छवि धूमिल करने की कोशिश
मधेपुरा: जिले के स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार का कथित तौर पर रुपये लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो का संबंध उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग होम से है।
हालांकि, इस मामले में अब तक प्रशासन या पुलिस के पास कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद मामले की गंभीरता और एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी से जुड़े होने के कारण मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने स्वतः संज्ञान लिया है।
DM ने दिए जांच के आदेश
वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच समिति का गठन किया है। जांच टीम को मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच समिति में शामिल अधिकारियों में:
- जिला भू-अर्जन पदाधिकारी
- जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी
- जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी
शामिल हैं।
वीडियो की तकनीकी सत्यता भी जांचेगी टीम
डीएम ने जांच समिति को वायरल वीडियो से जुड़े सभी पहलुओं की बिंदुवार जांच करने का निर्देश दिया है। टीम वीडियो की तकनीकी सत्यता, वीडियो से संबंधित स्थान, समय और परिस्थितियों की पड़ताल करेगी।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि वायरल वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा एडिटिंग की गई है। जांच समिति अपनी संयुक्त रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
सिविल सर्जन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, वायरल वीडियो को लेकर सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने वीडियो को भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार बताया।
डॉ. विजय कुमार का कहना है कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश के तहत मनगढ़ंत वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधि का उद्देश्य उनकी सामाजिक और प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच जारी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोशी लाइव वायरल वीडियो की प्रमाणिकता या उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला आरोप और जांच के स्तर पर है। प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बाद ही इस प्रकरण की वास्तविक सच्चाई सामने आएगी।