पूर्णिया डीआईजी चौक फायरिंग मामले में आरोपी का पिता गिरफ्तार, ऋषभ पर 5 हजार का इनाम; कुर्की की तैयारी
पूर्णिया: डीआईजी चौक पर हुई हवाई फायरिंग के मामले में पूर्णिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित ऋषभ कुमार के पिता विभूति सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, फरार ऋषभ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कराने के साथ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
डीएम-एसपी आवास के पास हुई थी फायरिंग
घटना रविवार देर रात पूर्णिया के डीआईजी चौक के पास हुई थी। यह इलाका डीएम और एसपी आवास के आसपास का है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर इलाके में दहशत और अपना वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से हवा में गोलियां चलायी थीं।
घटना के बाद पुलिस की क्विक एक्शन टीम ने तत्काल इलाके में नाकेबंदी और तलाशी अभियान चलाया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से हुई पहचान
सदर एसडीपीओ-1 अभिनव पाराशर के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर ऋषभ कुमार की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में की गयी।
एसडीपीओ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के गोली चलाने के बाद घटनास्थल पर बेखौफ घूमने की बात सामने आयी है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों की भी जांच शुरू कर दी है।
आरोपी के पिता को पूछताछ के बाद भेजा गया जेल
घटना के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इनमें ऋषभ के पिता विभूति सिंह भी शामिल थे। विभूति सिंह मूल रूप से सरसी के रहने वाले बताए जा रहे हैं और वर्तमान में पूर्णिया के श्रीनगर हाता में परिवार के साथ रहते हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान विभूति सिंह के पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी भी सामने आयी। सरसी थाना में दर्ज पुराने मामलों के अलावा पुलिस ने आरोपी को संरक्षण देने समेत अन्य आरोपों में भी कार्रवाई की। इसके बाद उन्हें सोमवार देर शाम जेल भेज दिया गया।
ऋषभ की गिरफ्तारी के लिए 5 हजार का इनाम
फरार ऋषभ कुमार की गिरफ्तारी के लिए पूर्णिया पुलिस ने उसका इश्तेहार जारी किया है। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर भी सार्वजनिक की है और उसकी गिरफ्तारी या लोकेशन की सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पुरानी रंजिश नहीं, वर्चस्व और दहशत फैलाने का शक
सदर एसडीपीओ ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी पुरानी रंजिश की बात सामने नहीं आयी है। प्रथम दृष्टया फायरिंग का उद्देश्य इलाके में वर्चस्व कायम करना, दहशत फैलाना और हीरोपंती दिखाना प्रतीत हो रहा है।
हालांकि पुलिस घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे और उसे आपराधिक गतिविधियों के लिए किसका समर्थन या उकसावा मिल रहा था।
इंस्टाग्राम से भी सामने आईं कई अहम जानकारियां
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट को भी खंगाला। पुलिस के मुताबिक, उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ पेशेवर अपराधियों के साथ तस्वीरें मिली हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ऋषभ का इन लोगों से किस तरह का संपर्क था और क्या फायरिंग की घटना में उनका कोई संबंध है।
आत्मसमर्पण नहीं किया तो होगी कुर्की-जब्ती
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। ऋषभ कुमार के खिलाफ वारंट की प्रक्रिया भी आगे बढ़ायी जा रही है। यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता या गिरफ्तारी से बचता रहता है, तो न्यायालय से विधिवत आदेश प्राप्त कर उसके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फायरिंग की पूरी घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।