मुजफ्फरपुर में शिक्षा मंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाला शिक्षक सस्पेंड, DEO ने की कार्रवाई
मुजफ्फरपुर: सोशल मीडिया पर बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय साढ़ा कन्या, मोतीपुर के विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में 18 अगस्त 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार, शिक्षक राजेश कुमार ने सोशल मीडिया पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री को लेकर राजनीतिक और अशोभनीय टिप्पणी की थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने 17 अगस्त को शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था।
DEO के अनुसार, निर्धारित समय में शिक्षक की ओर से स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। विभाग ने सोशल मीडिया पर की गयी टिप्पणी को सरकारी सेवक के आचरण के विपरीत माना।
आचरण नियमावली के उल्लंघन का आरोप
विभागीय समीक्षा के बाद शिक्षक का आचरण स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता की श्रेणी में पाया गया। विभाग ने इसे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 और संशोधित बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-2026 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन माना है।
इसी आधार पर राजेश कुमार को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई संचालित करने का आदेश दिया गया है।
निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक राजेश कुमार का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) कार्यालय, मोतीपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में नियमानुसार उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र प्रपत्र 'क' अलग से जारी किया जाएगा। इसके बाद विभागीय जांच और आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
DEO ने क्या कहा?
मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया कि शिक्षक ने एक अखबार की कटिंग सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शिक्षा मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी। इस मामले में 17 अगस्त को स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर जवाब नहीं दिया गया।
DEO ने कहा कि सरकारी सेवक द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना आचार नियमावली के खिलाफ है। इसी वजह से 18 अगस्त को शिक्षक को निलंबित किया गया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई संचालित करने का आदेश दिया गया है।