स्वतंत्रता दिवस पर पंचायत भवन बना मयखाना! मुखिया, रोजगार सेवक और वार्ड सदस्यों की शराब पार्टी का वीडियो वायरल; CCTV रूम में छलके जाम
बेगूसराय: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब देशभर में तिरंगा फहराकर देशभक्ति का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं बिहार के बेगूसराय से पंचायत भवन के अंदर कथित शराब पार्टी का मामला सामने आया है। मंसूरचक प्रखंड के समसा-एक पंचायत भवन में शराब पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि यह घटना 15 अगस्त की शाम करीब 5 से 6 बजे की है। वायरल वीडियो में पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य लोगों के पंचायत भवन के एक कमरे में बैठकर कथित तौर पर शराब पीने की पार्टी करते दिखाई देने की बात कही जा रही है।
CCTV रूम में ही चल रही थी पार्टी
वायरल वीडियो में एक सरकारी कमरे में कई लोग बैठे नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वही कमरा है, जहां पंचायत भवन में लगे CCTV कैमरों की निगरानी के लिए मॉनिटर रखा गया है।
वीडियो में मेज पर पानी की बोतल और नमकीन के साथ एक कांच की बोतल दिखाई देती है। एक व्यक्ति कथित तौर पर बोतल से प्लास्टिक के गिलास में शराब जैसा पेय पदार्थ डालता नजर आ रहा है। कमरे में मौजूद लोग आपस में हंसी-मजाक करते भी दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में कुछ लोगों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीने पर तिरंगे के रंग वाला बैज भी लगा रखा है। इसी वजह से मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
मुखिया और रोजगार सेवक समेत कई लोगों के शामिल होने का दावा
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान स्थानीय स्तर पर समसा-एक पंचायत के मुखिया दिनेश राय, रोजगार सेवक संजय पासवान, अनिल पासवान, बिरजू पासवान, वार्ड सदस्य शमशेर आलम और वार्ड सदस्य के पति रविन्द्र उर्फ रवि के रूप में किए जाने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, इन लोगों की पहचान और वीडियो में कथित शराब सेवन की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शराबबंदी वाले बिहार में सरकारी भवन के इस्तेमाल पर सवाल
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। ऐसे में यदि सरकारी पंचायत भवन के अंदर शराब पार्टी की बात जांच में सही पाई जाती है, तो यह गंभीर मामला हो सकता है। पंचायत भवन का इस्तेमाल आम तौर पर सरकारी योजनाओं, जनप्रतिनिधियों की बैठकों और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिस पंचायत भवन में जनता की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए, उसी परिसर में इस तरह की गतिविधि होना सरकारी व्यवस्था और पंचायत भवन की गरिमा पर सवाल खड़ा करता है।
वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की मांग
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि सरकारी भवन में शराब पार्टी हुई है तो इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस बोली- वीडियो की जांच की जा रही
मामले को लेकर मंसूरचक थानाध्यक्ष गोविंद कुमार पांडेय ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस को मिला है। वीडियो का सत्यापन और जांच-पड़ताल की जा रही है।
थानाध्यक्ष के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो नया है या पुराना और वास्तव में कहां का है। वीडियो की जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पंचायत भवन में वास्तव में शराब पार्टी हुई थी या वीडियो को किसी अन्य संदर्भ में पेश किया जा रहा है।