बिहार में बनेगा ‘नरेंद्र मोदी मंदिर’! किन्नर बोर्ड के उपाध्यक्ष बोले- ‘मोदी हमारे भगवान, श्रीराम के अवतार के रूप में होगी मूर्ति’; 5 एकड़ जमीन, 112 करोड़ का प्रस्ताव
पटना: बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने की योजना सामने आई है। बिहार सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान श्रीराम के समान बताते हुए कहा कि वे उनके लिए आराध्य हैं। उन्होंने दावा किया कि पटना में करीब 5 एकड़ जमीन पर 112 करोड़ रुपए की लागत से भव्य मंदिर बनाने की योजना है। मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की मूर्ति स्थापित करने का प्रस्ताव है।
हालांकि, मंदिर निर्माण के प्रस्ताव को अभी बिहार सरकार की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। मंदिर के लिए जमीन आवंटन का प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को भेजे जाने की बात कही गई है।
29 जुलाई की बैठक में प्रस्ताव पारित
डॉ. राजन सिंह के अनुसार, किन्नर कल्याण बोर्ड की 29 जुलाई को बैठक हुई थी। इसी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंदिर निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी की सहमति से पारित किए जाने का दावा किया गया है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए करीब 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। जमीन उपलब्ध होने के बाद मंदिर निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राजन सिंह ने यह भी कहा कि यदि मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित राशि कम पड़ती है तो किन्नर समाज के लोग मिलकर सहयोग करेंगे। समाज के लोगों की ओर से सोने-चांदी की वस्तुएं दान करने की भी बात कही गई है।
‘मोदी मेरे लिए भगवान और आराध्य हैं’
डॉ. राजन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके लिए भगवान और आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को लेकर कानून बनने के बाद समुदाय के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं के क्षेत्र में अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने दावा किया कि आज किन्नर समाज के लोग पुलिस, होमगार्ड, चिकित्सा और इंजीनियरिंग समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से किन्नर समाज के कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान का दर्जा देते हैं।
श्रीराम के अवतार के स्वरूप में होगी मूर्ति
राजन सिंह के मुताबिक, मंदिर का मॉडल तैयार किया गया है। प्रस्तावित मंदिर में नरेंद्र मोदी की मूर्ति को भगवान श्रीराम के अवतार के स्वरूप में स्थापित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि मंदिर को भव्य रूप देने की तैयारी है, ताकि यह बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल हो सके। हालांकि, मंदिर की अंतिम जगह, डिजाइन, लागत और निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं पर सरकारी स्तर पर निर्णय होना बाकी है।
जमीन मिलते ही शिलान्यास की तैयारी
राजन सिंह ने बताया कि मंदिर के लिए जमीन आवंटित होते ही शिलान्यास की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस विषय पर बातचीत होने का भी दावा किया।
उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री से मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी चर्चा हुई है। हालांकि, फिलहाल मंदिर निर्माण की अंतिम सरकारी स्वीकृति और जमीन आवंटन होना बाकी है।
‘ओम नरेंद्र मोदी नमः’ का भी किया जिक्र
डॉ. राजन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक कथित मंत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘ओम नरेंद्र मोदी नमः’ का जाप करने की बात कही और दावा किया कि इससे लोगों के बिगड़े काम बन सकते हैं।
उन्होंने आम लोगों से भी नरेंद्र मोदी के नाम का जाप करने की अपील की। उनका दावा है कि प्रधानमंत्री के नाम से बनने वाला मंदिर देश-विदेश के लोगों को पटना आकर्षित कर सकता है और इससे बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
राहुल गांधी और ‘Gen Z’ को लेकर भी निशाना
राजन सिंह ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में आम युवाओं के बजाय राहुल गांधी के कार्यकर्ता शामिल थे।
उन्होंने ‘Gen Z’ शब्द को लेकर भी सवाल उठाया। राजन सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वेद, रामायण, ऋग्वेद और यजुर्वेद जैसे शब्द हैं, लेकिन ‘Gen Z’ भारतीय संस्कृति का शब्द नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल नरेंद्र मोदी को नीचा दिखाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी का किन्नर समाज विरोध करेगा।
‘मोदी को सामने से एक बार देखा है’
जब डॉ. राजन सिंह से पूछा गया कि जिसे वह भगवान मानते हैं, क्या उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कभी बातचीत की है, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को सामने से एक बार देखा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं और भारत को दुनिया में आगे ले जाने के प्रयास में जुटे हैं। राजन सिंह ने यह भी कहा कि जीवन में जब भी उन्हें मौका मिलेगा, वह नरेंद्र मोदी के चरणों की धूल अपने सिर पर लगाने की इच्छा रखते हैं।
फिलहाल यह पूरी योजना प्रस्ताव के स्तर पर है। मंदिर निर्माण के लिए जमीन आवंटन और बिहार सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 5 एकड़ जमीन और 112 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना पर वास्तविक रूप से कब काम शुरू होता है।