आवास सहायक की दो पत्नियों में जमकर मारपीट: समाहरणालय गेट पर लाठी-डंडे चले, बीच-बचाव में फंसा पति
कटिहार। जिला समाहरणालय के मुख्य गेट पर शुक्रवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक आवास सहायक की दो पत्नियां आमने-सामने आ गईं। दोनों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों महिलाएं लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमला करने को उतारू हो गईं।
इस दौरान विवाद के केंद्र में रहे आवास सहायक रंजीत कुमार पासवान दोनों को शांत कराने और बीच-बचाव करने की कोशिश करते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने भी हस्तक्षेप कर किसी तरह दोनों महिलाओं को अलग कराया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
भरण-पोषण को लेकर समाहरणालय पहुंची थी दूसरी पत्नी
जानकारी के अनुसार, बारसोई से अपने बेटे के साथ पहुंची दूसरी पत्नी ने दावा किया कि करीब 14 वर्ष पहले उसकी शादी फलका थाना क्षेत्र के पोठिया निवासी रंजीत कुमार पासवान से हुई थी। महिला का कहना है कि करीब चार वर्ष पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की थी और उनका एक बेटा है।
महिला ने आरोप लगाया कि शादी के समय रंजीत ने खुद को अविवाहित बताया था। बाद में उसे पता चला कि रंजीत पहले से शादीशुदा हैं और तीन बच्चों के पिता हैं।
पहली पत्नी के साथ रहने का लगाया आरोप
दूसरी पत्नी का आरोप है कि रंजीत कुमार पासवान वर्तमान में अपनी पहली पत्नी के साथ रह रहे हैं और उसे तथा उसके बेटे के भरण-पोषण के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं देते। इसी मामले में अपना हक और भरण-पोषण की मांग को लेकर वह समाहरणालय पहुंची थी।
इसी दौरान पहली पत्नी भी मौके पर पहुंच गई। दोनों के आमने-सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते दोनों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे।
समाहरणालय परिसर में जुटी भीड़
दोनों महिलाओं के बीच मारपीट शुरू होने के बाद समाहरणालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया।
बताया जा रहा है कि रंजीत कुमार पासवान पूर्व में कोढ़ा में आवास सहायक के पद पर तैनात रह चुके हैं। पूरे घटनाक्रम के दौरान वह दोनों महिलाओं को शांत कराने का प्रयास करते रहे।
पंचायत स्तर पर सुलह का प्रयास
जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच भरण-पोषण और पारिवारिक विवाद को लेकर पंचायत स्तर पर सुलह का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
समाहरणालय जैसे सार्वजनिक परिसर में हुए इस हाई-वोल्टेज विवाद का वीडियो/दृश्य सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।