बेगूसराय में मुआवजा दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी: 4 हजार रुपये लेते अंचल कार्यालय का क्लर्क निगरानी के हत्थे चढ़ा
विस्तृत खबर:
बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (निगरानी विभाग) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर अंचल कार्यालय के क्लर्क एवं प्रभारी नजीर सोनू कुमार को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आपदा मुआवजा राशि जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, नीमा चांदपुरा निवासी दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की 3 अक्टूबर 2025 को छठ पर्व के 'नहाय-खाय' के दिन बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सरकार की ओर से मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी।
पीड़िता का आरोप है कि मुआवजा राशि जारी करने के लिए क्लर्क सोनू कुमार ने पहले 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। काफी मिन्नतों के बाद उसने रकम घटाकर 5 हजार और अंत में 4 हजार रुपये पर सहमति जताई। रिश्वत नहीं देने पर मुआवजा भुगतान में लगातार टालमटोल की जा रही थी।
परेशान होकर दौलती देवी ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद 30 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया। इसके बाद डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में निगरानी टीम ने जाल बिछाया।
गुरुवार (7 अगस्त 2026) को सदर अंचल कार्यालय में जैसे ही पीड़िता ने सोनू कुमार को 4 हजार रुपये दिए, निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद ने बताया कि शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए थे, जिसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई के बाद बेगूसराय सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
