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Saturday, August 8, 2026

BIHAR:पशु तस्करी में 4 पुलिसकर्मी समेत 7 गिरफ्तार: हर खेप ट्रक पास कराने के लिए लेते थे ₹1,500, 35 भैंसें बरामद; 4 की मौत

मुंगेर में पशु तस्करी में 4 पुलिसकर्मी समेत 7 गिरफ्तार: हर खेप ट्रक पास कराने के लिए लेते थे ₹1,500, 35 भैंसें बरामद; 4 की मौत

मुंगेर। पशु तस्करी के मामले में मुंगेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी पशु तस्करी में इस्तेमाल ट्रकों को जिले से सुरक्षित पास कराने के एवज में प्रत्येक खेप 1,500 रुपये लेते थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक ट्रक और बाइक के साथ 35 भैंसें बरामद की हैं। इनमें चार भैंसें मृत मिलीं।

गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में यातायात थाना के एएसआई अयोध्या कुमार, चालक विमलेश कुमार तथा मुफस्सिल थाना के होमगार्ड जवान अभिलेश कुमार और अरविंद कुमार शामिल हैं। इनके अलावा ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू, उपचालक मो. जियाउल और लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

श्रीकृष्ण सेतु के पास पकड़ा गया पशुओं से लदा ट्रक

मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 6 और 7 अगस्त की मध्यरात्रि पुलिस को सूचना मिली थी कि पशु तस्कर बड़ी संख्या में पशुओं को ट्रक में लादकर मुंगेर के रास्ते ले जा रहे हैं। ट्रक के आगे एक बाइक सवार लाइनर के रूप में चल रहा था।

सूचना के आधार पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह और जिला आसूचना इकाई की टीम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने श्रीकृष्ण सेतु के पास वाहन जांच शुरू की।

इसी दौरान चंडिका स्थान की ओर से आ रहे बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर उसने पीछे आ रहे पशु लदे ट्रक को आगे बढ़ने का इशारा किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाइक सवार और ट्रक दोनों को पकड़ लिया।

ट्रक में बेहद खराब हालत में लदी थीं भैंसें

ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी संख्या में भैंसें बेहद खराब परिस्थितियों में लदी मिलीं। पुलिस सभी पशुओं को मुफस्सिल थाना लेकर पहुंची, जहां चार भैंसों को मृत पाया गया।

पुलिस ने मौके से 47 हजार रुपये नकद, एक ट्रक, एक बाइक और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

भागलपुर से अररिया ले जाई जा रही थीं भैंसें

पूछताछ में ट्रक चालक अमित कुमार और उपचालक मो. जियाउल ने बताया कि वे खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम कुमार मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव का रहने वाला है।

एसपी के अनुसार, लाइनर के मोबाइल फोन की जांच और पूछताछ में पशु तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक पशुओं को भागलपुर से ट्रक के जरिए लाया जा रहा था और उन्हें अररिया पहुंचाया जाना था।

मोबाइल जांच में पुलिसकर्मियों से कथित लेन-देन का खुलासा

एसपी ने बताया कि लाइनर के मोबाइल फोन की जांच में कई पुलिसकर्मियों से बातचीत और कथित लेन-देन के साक्ष्य मिले। आरोप है कि पशु तस्करी के वाहनों को जिले से सुरक्षित पार कराने के बदले पुलिसकर्मियों को प्रति खेप 1,500 रुपये दिए जाते थे।

जांच में रात्रि गश्ती दल के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के अलावा यातायात थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद यातायात थाना के एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया।

5-6 और लोगों की भूमिका की जांच

एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जांच के दौरान पांच से छह अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। इनमें पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मी और पशु तस्करी से जुड़े लोग शामिल हैं। इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। आरोप सत्यापित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में मुफस्सिल थाना में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और पशु परिवहन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

तस्करी रोकने वाली पुलिस पर ही मिलीभगत का आरोप

मुंगेर में पुलिस पहले भी अवैध रूप से ले जाए जा रहे पशुओं को कंटेनर और मालवाहक वाहनों से मुक्त कराती रही है। ऐसे में इस मामले में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल फोन से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।