सहरसा में 5 फीट की गांगेय डॉल्फिन का शिकार, घर लाकर बनाया वीडियो; पुलिस पहुंची तो कोसी में फेंकने की बात
सहरसा: जिले में दुर्लभ और संरक्षित गांगेय डॉल्फिन के शिकार का मामला सामने आया है। करीब 5 फीट लंबी डॉल्फिन को जाल में फंसने के बाद मछुआरा अपने घर ले गया। वहां परिवार और स्थानीय लोगों ने मृत डॉल्फिन के साथ तस्वीरें खींचीं और वीडियो भी बनाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वन विभाग और प्रशासन सक्रिय हुआ।
वायरल वीडियो में दो मछुआरे जाल से डॉल्फिन को निकालते नजर आ रहे हैं। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति जब मछुआरे से पूछता है कि क्या इससे तेल निकाला जाएगा, तो वह कथित तौर पर हां में जवाब देता है। यह वीडियो 21 अगस्त का बताया जा रहा है। मामले में नौहट्टा थाना क्षेत्र निवासी वीरेंद्र मुखिया का नाम सामने आया है।
जाल में फंसी मिली थी डॉल्फिन
वीरेंद्र मुखिया के अनुसार, वह कोसी नदी के किनारे जाल लगाकर बैठा था। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब उसने जाल खींचा तो उसमें डॉल्फिन मरी हुई मिली। इसी दौरान गांव के ही एक युवक अजीत कुमार ने उसका वीडियो बना लिया।
इसके बाद मछुआरा डॉल्फिन को अपने घर ले गया। घर पर परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मृत डॉल्फिन के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाए। कुछ तस्वीरों में लोग डॉल्फिन को हाथ में उठाए हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने दर्ज किया केस
वीडियो सामने आने के बाद सहरसा प्रशासन और वन विभाग सक्रिय हुआ। वन विभाग ने मामले में केस दर्ज कर आरोपी मछुआरे की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद वीरेंद्र मुखिया घर से फरार है।
परिजनों का कहना है कि वीरेंद्र ने डॉल्फिन से तेल नहीं निकाला था। उन्हें जब पता चला कि गांगेय डॉल्फिन का शिकार करना अपराध है, तो शुक्रवार को ही मृत डॉल्फिन को कोसी नदी में फेंक दिया गया।
नदी में शव खोजने पहुंची टीम
वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने कोसी नदी में डॉल्फिन के शव की तलाश भी की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका शव बरामद नहीं हो सका।
वहीं, वीरेंद्र मुखिया का कहना है कि उसे जानकारी नहीं थी कि गांगेय डॉल्फिन का शिकार करना अपराध है। हालांकि, वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
क्या है गांगेय डॉल्फिन?
गांगेय डॉल्फिन को आम बोलचाल में गंगा नदी डॉल्फिन कहा जाता है। बिहार और उत्तर भारत के कई इलाकों में इसे 'सोंस' या 'सुसु' के नाम से भी जाना जाता है। सांस लेते समय इससे निकलने वाली आवाज के कारण इसे 'सुसु' कहे जाने की मान्यता है।
यह भारत की नदियों में पाई जाने वाली एक दुर्लभ जलीय स्तनपायी प्रजाति है। बिहार गांगेय डॉल्फिन के संरक्षण के लिहाज से देश के महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। इसके शिकार या नुकसान की घटना वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा गंभीर मामला है।