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Monday, August 24, 2026

MADHEPURA:सिंहेश्वर धाम मंदिर में अफरा-तफरी,सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा .. श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला बाहर

सिंहेश्वर मंदिर में सावन की आखिरी सोमवारी पर भगदड़ जैसी स्थिति, आधा दर्जन श्रद्धालु घायल; पुलिसकर्मी भी चोटिल

 

सिंहेश्वर मंदिर में भगदड़ की खबर पर प्रशासन का खंडन, अफरातफरी के बीच कुछ श्रद्धालु अस्वस्थ

मधेपुरा | ब्यूरो रिपोर्ट

सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ बढ़ने के दौरान धक्का-मुक्की और कुछ श्रद्धालुओं के अस्वस्थ होने की सूचना सामने आई। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस ने मंदिर में भगदड़ या बैरिकेडिंग टूटने की बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।

मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और एसपी संदीप सिंह ने कहा कि मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी थी। प्रशासन के मुताबिक कुछ श्रद्धालु डिहाइड्रेशन के कारण अस्वस्थ हुए, जबकि कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। सभी को मेडिकल कैंप में उपचार उपलब्ध कराया गया।

सुबह बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रशासन के अनुसार, सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) के तहत मुख्य गेट को बीच-बीच में बंद किया गया, ताकि मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके।

बाहर पर्याप्त खुला स्थान होने के कारण श्रद्धालुओं को वहां फैलाकर भीड़ का दबाव कम किया गया। शिवगंगा पोखर की ओर से निर्धारित रूट के माध्यम से श्रद्धालुओं को कतार में मंदिर की ओर भेजा गया।

डिहाइड्रेशन से कुछ श्रद्धालु हुए अस्वस्थ

डीएम अभिषेक रंजन के अनुसार, अत्यधिक भीड़ और गर्मी के कारण कुछ श्रद्धालु डिहाइड्रेशन की वजह से अस्वस्थ हुए। उनका मेडिकल कैंप में उपचार किया गया।

कुछ श्रद्धालुओं के सीढ़ियों से पैर फिसलने की वजह से हल्की चोट लगने की भी जानकारी दी गई है। वहीं, एक-दो महिलाओं के पैर बैरिकेडिंग में फंसने से चोट आई, जिनका इलाज कराया गया।

एक महिला के फिसलकर सिर में चोट लगने की सूचना भी एसपी संदीप सिंह ने दी। उनके अनुसार चोट सतही प्रकृति की बताई गई और महिला का उपचार कराया गया।

पुलिसकर्मी के पैर में आई मोच

भीड़ नियंत्रण के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी के पैर में मोच आने की जानकारी भी सामने आई। एसपी के अनुसार, पुलिसकर्मी को तत्काल ड्यूटी से हटाकर इलाज के लिए भेजा गया और उसकी जगह दूसरे पुलिसकर्मी को तैनात कर दिया गया।

एसपी बोले- न बैरिकेडिंग टूटी, न भगदड़ हुई

मधेपुरा एसपी संदीप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंदिर में भगदड़ और बैरिकेडिंग टूटने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में न तो लोहे की बैरिकेडिंग टूटी और न ही भगदड़ जैसी कोई स्थिति बनी।

एसपी ने मीडिया, न्यूज पोर्टल और यूट्यूबर्स से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी भ्रामक सूचना को प्रसारित न करें। उन्होंने कहा कि व्यूज बढ़ाने के लिए गलत सूचना फैलाना उचित नहीं है।

एसपी ने बताया कि मंदिर में भीड़ बढ़ने पर मुख्य गेट को नियंत्रित तरीके से बंद किया जाता है और निर्धारित रूट से श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ाया जाता है। इसे भगदड़ कहना सही नहीं है।

मंदिर में एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था

प्रशासन के अनुसार सिंहेश्वर मंदिर में पिछले तीन वर्षों से SOP के तहत मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कैंप में डिहाइड्रेशन, डायरिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान श्रद्धालुओं का तत्काल उपचार किया जाता है।

जरूरत पड़ने पर मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल भी भेजा जाता है।

प्रशासन ने कहा- स्थिति पूरी तरह सामान्य

डीएम और एसपी दोनों ने बताया कि फिलहाल सिंहेश्वर मंदिर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और श्रद्धालुओं का जलाभिषेक सुचारू रूप से जारी है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की निगरानी की।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी सूचना पर भरोसा न करें और अफवाहों को आगे प्रसारित न करें। किसी घटना से संबंधित जानकारी के लिए मधेपुरा पुलिस और जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी सूचना को ही प्रमाणिक मानने की अपील की गई है।

नोट: उपलब्ध प्रशासनिक बयानों के अनुसार मंदिर में भगदड़ नहीं हुई थी। भीड़ के दौरान कुछ श्रद्धालुओं के अस्वस्थ होने और मामूली चोट लगने की घटनाओं का उपचार किया गया। स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई है।