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Saturday, July 4, 2026

SAHARSA:कोसी में पुलिस-दलाल गठजोड़ का बड़ा खुलासा: दलाल लिखता था केस डायरी, ड्रग सिंडिकेट भी चला रहा था, तीन जिलों के 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड

कोसी में पुलिस-दलाल गठजोड़ का बड़ा खुलासा: दलाल लिखता था केस डायरी, ड्रग सिंडिकेट भी चला रहा था, तीन जिलों के 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड

सहरसा। कोसी क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को झकझोर देने वाले एक बड़े खुलासे में पुलिस और दलालों की कथित मिलीभगत का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि एक कथित दलाल न केवल कई थानों की केस डायरी लिखता था, बल्कि पुलिसकर्मियों की सांठगांठ से मादक पदार्थों की तस्करी का सिंडिकेट भी संचालित कर रहा था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई करते हुए तीन जिलों के दो थानाध्यक्ष समेत कुल 11 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

वायरल वीडियो से खुली पूरे रैकेट की परतें

कुछ दिन पहले सलखुआ थाना परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कथित दलाल सतीश कुमार पुलिस अधिकारी की कुर्सी पर बैठा दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लिया और डीजीपी के निर्देश पर कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष को मामले की जांच सौंपी गई।

औचक निरीक्षण के दौरान पकड़ा गया दलाल

गुरुवार को डीआईजी कुमार आशीष सलखुआ थाना के निरीक्षण के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गोसपुर मंदिर के पास बहुअरबा निवासी सतीश कुमार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने उसकी बाइक की तलाशी ली, जिसमें लैपटॉप के साथ सलखुआ, पिपरा और नवहट्टा थाना की मूल केस डायरी और कई महत्वपूर्ण पुलिस फाइलें बरामद हुईं। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा होने लगा।

पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क के मिले सबूत

जांच में यह भी सामने आया कि सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और सतीश कुमार के बीच मोबाइल फोन पर लगातार संपर्क था। पुलिस को ऐसे कई पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिससे पुलिस और दलाल की कथित मिलीभगत की पुष्टि होने की बात कही जा रही है।

भाई के जरिए चलाता था ड्रग्स का नेटवर्क

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी सतीश कुमार अपने भाई चंद्रकिशोर रजक के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी भी करवाता था। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत का फायदा उठाकर यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।

एसआईटी गठित, आरोपी गिरफ्तार

पूरे सिंडिकेट की तह तक पहुंचने के लिए सिमरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने आरोपी सतीश कुमार को गिरफ्तार कर सलखुआ थाना कांड संख्या 107/26 दर्ज किया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

11 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

डीआईजी कुमार आशीष ने बताया कि इस मामले में शामिल पाए गए तीन जिलों के दो थानाध्यक्ष समेत कुल 11 पुलिस पदाधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

सुलिंदाबाद में भी छापेमारी, और फाइलें बरामद

शुक्रवार देर शाम डीआईजी के निर्देश पर साइबर डीएसपी कल्याण आनंद के नेतृत्व में शहर से सटे सुलिंदाबाद में भी छापेमारी की गई। यहां एक मकान से कई वर्षों से पुलिस की केस डायरी लिखे जाने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां से भी तीनों जिलों के कई पुलिस पदाधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं से जुड़ी फाइलें बरामद की हैं। अन्य स्थानों पर भी छापेमारी जारी है।

जनता से की गई अपील

कोसी रेंज के डीआईजी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी थाना परिसर या पुलिस कार्यालय में बाहरी दलाल, बिचौलिये या अवैध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वरीय पुलिस अधिकारियों को दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।