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Wednesday, July 29, 2026

BIHAR:EOU की बड़ी कार्रवाई: गुड्डू यादव गैंग के 25 ठिकानों पर छापेमारी, 5 गिरफ्तार; ₹34.19 लाख नकद और 79 राउंड गोलियां बरामद

हेडलाइन:

जमुई में EOU की बड़ी कार्रवाई: गुड्डू यादव गैंग के 25 ठिकानों पर छापेमारी, 5 गिरफ्तार; ₹34.19 लाख नकद और 79 राउंड गोलियां बरामद

जमुई:

बिहार पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को जमुई के चर्चित अपराधी गुड्डू यादव और उसके कथित संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जमुई और शेखपुरा जिले में एक साथ 25 ठिकानों पर छापेमारी की। इस अभियान में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि छापेमारी के दौरान ₹34.19 लाख नकद, 79 राउंड राइफल की गोलियां, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, बैंक दस्तावेज, जमीन के कागजात, वाहन खरीद से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए।

17 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी

आर्थिक अपराध इकाई ने आर्थिक अपराध थाना, पटना में दर्ज कांड संख्या 14/26 के तहत कुल 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में मुख्य आरोपी गुड्डू यादव, उसकी पत्नी एवं जमुई जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी सहित गिरोह के कई सदस्यों को नामजद किया गया है।

39 आपराधिक मामलों का आरोपी है गुड्डू यादव

ईओयू के अनुसार, गुड्डू यादव वर्ष 2000 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, लूट, आर्म्स एक्ट, जमीन कब्जाने सहित 39 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एजेंसी का आरोप है कि उसने संगठित अपराध के जरिए अवैध संपत्ति का बड़ा साम्राज्य खड़ा किया।

जमीन कब्जाने और अवैध संपत्ति बनाने का आरोप

जांच में सामने आया है कि गिरोह राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर फर्जी निबंधन के माध्यम से जमीनों पर कब्जा करता था। व्यवसायियों से रंगदारी वसूलकर और अन्य आपराधिक गतिविधियों से अर्जित रकम को जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया।

ईओयू की जांच में अब तक गुड्डू यादव और दुलारी देवी के नाम 29 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके परिजनों के नाम पर भी करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। कई बैंक खातों और निवेश की भी जांच की जा रही है।

छापेमारी में नकदी, हथियार और अहम दस्तावेज बरामद

मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे ईओयू, एसटीएफ, जमुई और शेखपुरा पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान गुड्डू यादव के ठिकानों से ₹34.19 लाख नकद, 79 राउंड राइफल की गोलियां, बैंक पासबुक, जमीन और वाहनों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।

वहीं, विपिन यादव, शहनवाज अली और शंभू यादव के घरों से भी लाखों रुपये नकद बरामद हुए। छोटू यादव के घर से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस मिले। अन्य आरोपियों के ठिकानों से भी जमीन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

आलीशान मकानों का होगा मूल्यांकन

ईओयू ने बताया कि गुड्डू यादव, बाबूलाल यादव और ललन यादव द्वारा जमुई और सिकंदरा में बनाए गए आलीशान मकानों का मूल्यांकन कराया जाएगा। एजेंसी का उद्देश्य अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने और पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

जांच और कार्रवाई जारी

आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के आर्थिक नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। कई बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की पड़ताल जारी है। कुछ अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चल रहा है और जांच के आधार पर आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

17 सदस्यीय गैंग के खिलाफ प्राथमिकी
आर्थिक अपराध इकाई ने गुड्डू यादव सहित उसके 17 सदस्यीय संगठित गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज किया है. गिरोह में बाबूलाल यादव, ललन यादव, भूषण यादव, छोटू यादव, विपिन यादव, प्रमोद यादव, नैयर उर्फ नैरू खान, शहनवाज अली, प्रवीण मिश्रा, राकेश उर्फ सोनू यादव, आलोक मिश्रा, मनोज यादव, रघुनंदन यादव, शंभू यादव, अनुज यादव समेत अन्य शामिल हैं. अधिकांश मामलों में न्यायालय द्वारा संज्ञान भी लिया जा चुका है.


कौन हैं दुलारी देवी और गुड्डू यादव?

दुलारी देवी जमुई जिला परिषद की वर्तमान अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2011 में सिकंदरा पूर्वी जिला परिषद क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2016 में क्षेत्र आरक्षित होने के बाद उन्होंने सीट बदलकर फिर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। पिछले कई वर्षों से वह जमुई की राजनीति में सक्रिय हैं। गुड्डू यादव का नाम जमुई की सियासत में बाहुबली नेता के तौर पर लिया जाता है। वह पूर्व MLC प्रत्याशी रह चुके हैं। उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि कई मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है और कुछ में वह जमानत पर हैं।  EOU द्वारा दोनों के घर एक साथ छापेमारी करने से कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच किसी बड़े आर्थिक लेन-देन या बेनामी संपत्ति से जुड़ी है।