हसनपुर (समस्तीपुर)। Relationship Shame Bihar: भारतीय समाज और संस्कृति में माता-पिता के बाद अगर किसी रिश्ते को सबसे ज्यादा आदर और सम्मान दिया जाता है, तो वह 'चाचा-चाची' का रिश्ता है।चाची को मां के समान और भतीजे को बेटे की नजर से देखा जाता है, लेकिन समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इस पवित्र रिश्ते की मर्यादा को तार-तार कर दिया है।
यहां एक चार बच्चों की मां (चाची) का दिल अपने ही शादीशुदा भतीजे पर आ गया। बात सिर्फ यहीं नहीं रुकी, रविवार को गांव में बैठी पंचायत के तुगलकी फरमान के बाद पति के सामने ही भतीजे ने अपनी चाची की मांग में सिंदूर भर दिया।
इस अजीबो-गरीब और शर्मनाक वाकये को जिसने भी देखा और सुना, वह दंग रह गया।
मजबूरी का फायदा और बदल गए रिश्ते
जानकारी के अनुसार, हसनपुर प्रखंड के एक गांव की इस महिला की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व हुई थी। दांपत्य जीवन के सफर में वह चार बेटों और एक बेटी की मां बनी।
परिवार बड़ा था, तो खर्च चलाने के लिए उसका पति दूसरे राज्य में रहकर मजदूरी करने लगा। पीछे घर पर महिला अकेली थी। पति ने अपनों पर भरोसा करते हुए अपने शादीशुदा भतीजे को जिम्मेदारी दी कि चाची को जब भी कोई काम हो या कहीं आना-जाने हो, तो वह मदद कर दिया करे।
मजदूरी के लिए पति का लंबे समय तक राज्य से बाहर रहना ही इस हंसते-खेलते परिवार की बर्बादी का कारण बन गया।
घर के छोटे-मोटे कामों से शुरू हुआ मेल-जोल कब धीरे-धीरे अवैध संबंधों में बदल गया, किसी को भनक तक नहीं लगी। चाची और भतीजे के बीच बढ़ती नजदीकियों ने समाज की बंदिशों को तोड़ दिया।
परदेस से लौटा पति तो खुला राज
कहा जाता है कि पाप का घड़ा एक न एक दिन जरूर भरता है। तीन-चार दिन पहले जब महिला का पति परदेस से कमाकर अपने घर लौटा, तो उसे अपनी पत्नी और भतीजे के बीच चल रहे इस अनैतिक रिश्ते की भनक लग गई।
घर की चहारदीवारी से निकलकर यह बात पूरे गांव में फैल गई। लोक-लाज और पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को गांव में एक पंचायत बुलाई गई।
पंचायत का गुस्सा और फरमान
पंचायत में समाज के प्रबुद्ध जन और पंच जुटे। दोनों पक्षों से गहन पूछताछ शुरू हुई। लेकिन खुद को घिरता देख तथाकथित प्रेमी युगल (चाची और भतीजे) ने अपने अवैध संबंधों की बात से साफ इंकार कर दिया।
दोनों के इस अड़ियल रवैये को देखकर पंचों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पंचायत ने ऑन-द-स्पॉट एक ऐसा फरमान सुनाया जिसने कानून की धज्जियां उड़ा दीं। पंचों ने महिला के पहले पति की मूक सहमति से युवक को अपनी ही चाची की मांग भरने का आदेश दे दिया।
इसी बीच गांव के ही किसी शख्स ने इस पूरे तमाशे की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक ग्रामीणों के भारी दबाव के आगे झुककर शादीशुदा भतीजे ने अपने चाचा के सामने ही चाची की मांग में सिंदूर डाल दिया।
आठ साल का पवित्र रिश्ता और पांच बच्चों की मां की गृहस्थी चंद मिनटों में बिखर गई।
महिला पिता के सुपुर्द
मौके पर पहुंची हसनपुर थाने की पुलिस ने स्थिति को संभाला और नवविवाहित बने इस अजीब जोड़े (महिला और युवक) को हिरासत में लेकर थाने ले आई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
आरोपी युवक पुलिस हिरासत में
थानाध्यक्ष सुनील कांत ने बताया कि थाने लाई गई महिला के पिता को तत्काल सूचना देकर बुलाया गया और लिखित तौर पर महिला को उनके हवाले कर दिया गया है। वहीं, आरोपी युवक को पुलिस हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है।
थानाध्यक्ष के अनुसार, अब तक किसी भी पक्ष (चाचा, महिला या उसके पिता) की ओर से थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस को जैसे ही लिखित आवेदन प्राप्त होगा, मामले में कानूनी धाराओं के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अपनों पर अंधा भरोसा करने की इतनी बड़ी कीमत उस लाचार पति को अपनी पूरी जिंदगी और बच्चों की खुशियां बर्बाद करके चुकानी पड़ेगी, ऐसा उसने सपने में भी नहीं सोचा था।
यह घटना आज के समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और बिखरते पारिवारिक ताने-बाने का एक कड़वा उदाहरण है।