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जमुई में थानाध्यक्ष समेत दो पुलिस पदाधिकारी निलंबित, जांच में लापरवाही और अवैध निरोध का आरोप सही पाया गया
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मारपीट मामले में समय पर FIR दर्ज नहीं करने, पीड़ित को थाने में घंटों बैठाने और समझौते का दबाव बनाने के आरोप में एसपी की कार्रवाई।
जमुई। जमुई जिले के चंद्रदीप थाना में तैनात थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर मारपीट के एक मामले की जांच में लापरवाही बरतने, पीड़ित को अवैध रूप से थाने में रोकने तथा समय पर एफआईआर दर्ज नहीं करने के गंभीर आरोप लगे थे। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 17 जून को हुई मारपीट की घटना से जुड़ा है। पीड़ित सरेश यादव ने आरोप लगाया था कि उनकी मां के साथ मारपीट की गई थी। घटना की सूचना पुलिस को देने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई।
पीड़ित का आरोप है कि 18 जून को थाना में आवेदन देने के बाद 19 जून को उन्हें थाने बुलाया गया। वहां एफआईआर दर्ज करने के बजाय उन्हें कई घंटों तक बैठाकर रखा गया और दूसरे पक्ष के साथ समझौता करने का दबाव बनाया गया। इसे अवैध निरोध (Illegal Detention) का मामला भी माना गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच एसडीपीओ, जमुई को सौंपी। जांच के दौरान थानाध्यक्ष और अवर निरीक्षक की कार्यशैली में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में अनुसंधान में लापरवाही, समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और शिकायतकर्ता के साथ अनुचित व्यवहार की पुष्टि हुई।
एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं करने और कानून के विरुद्ध आचरण करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।