हेडलाइन:
बेगूसराय में मुठभेड़ जैसे हालात के बीच कुख्यात सोनू-मोनू गिरफ्तार, पुलिस पर तानी पिस्टल; वायरल VIDEO पर DSP ने दी सफाई
सबहेड:
दो सगे भाइयों के पास से पिस्तौल, 9 कारतूस, दो चाकू और नकदी बरामद, पुलिस बोली– छीनी गई पिस्तौल वापस कमर में रखी जा रही थी, फंसाने का आरोप बेबुनियाद।
बेगूसराय। बेगूसराय पुलिस ने बलिया थाना क्षेत्र के कुख्यात अपराधी और सगे भाई सोनू सिंह तथा मोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम का विरोध किया और पुलिस के अनुसार एक आरोपी ने जवानों पर पिस्तौल भी तान दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस और बदमाशों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस, दो चाकू और 3,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी आरोपी की कमर में पिस्तौल रखते हुए दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो पर उठे सवाल
वीडियो में कई वर्दीधारी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी दो युवकों को पकड़कर पुलिस वाहन तक ले जाते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ में पिस्तौल दिखाई देती है, जिसे वह आरोपी की कमर में रखने का प्रयास करता है। आसपास मौजूद कुछ लोग इस पर आपत्ति भी जताते सुनाई देते हैं। इसके बाद पुलिस दोनों आरोपियों को वाहन में बैठाकर थाना ले जाती है।
20 जून की फायरिंग कांड से जुड़ा है मामला
बलिया थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि 20 जून को वरियारपुर गांव में कारी सिंह और छोटन सिंह के बच्चों के बीच विवाद हुआ था। शिकायत करने पहुंचे कारी सिंह के बाद छोटन सिंह की पत्नी ने गांव के कुख्यात अपराधी सोनू और मोनू को फोन कर बुला लिया। आरोप है कि दोनों मौके पर पहुंचे और 5 से 6 राउंड फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और घटनास्थल से खोखा बरामद कर मामले की जांच शुरू की गई थी। तभी से दोनों आरोपियों की तलाश जारी थी।
नई वारदात की फिराक में थे आरोपी
डीएसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सोनू और मोनू किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही विशेष टीम गठित कर वरियारपुर गांव में छापेमारी की गई। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर तानी पिस्तौल
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान सोनू सिंह ने अपनी पिस्तौल निकालकर पुलिस टीम पर तान दी। हालांकि जवानों ने साहस दिखाते हुए उसे काबू कर लिया और हथियार छीन लिया। वहीं दूसरी ओर घेराबंदी कर मोनू सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से कारतूस, चाकू और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।
DSP बोले– फंसाने का आरोप पूरी तरह गलत
वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने आरोपी के हाथ से पिस्तौल छीनी थी और सुरक्षा कारणों से उसे उसकी कमर में वापस रखा जा रहा था। किसी को फंसाने का आरोप पूरी तरह निराधार है।
उन्होंने बताया कि सोनू सिंह पर बलिया थाना में 11 आपराधिक मामले जबकि मोनू सिंह पर 9 मामले दर्ज हैं। पूछताछ में दोनों के एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने की भी जानकारी मिली है।
डीएसपी ने कहा कि वीडियो आरोपियों के समर्थकों द्वारा बनाया गया और उसे भ्रामक तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। यदि समय रहते दोनों की गिरफ्तारी नहीं होती तो वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।