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Wednesday, July 1, 2026

BIHAR:पूर्णिया सेंट्रल जेल से बांग्लादेशी बंदी फरार, खिड़की तोड़कर भागा; जांच कमेटी गठित

पूर्णिया सेंट्रल जेल से बांग्लादेशी बंदी फरार, खिड़की तोड़कर भागा; जांच कमेटी गठित
पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया सेंट्रल जेल के विशेष डिटेंशन सेंटर से एक सजायाफ्ता बांग्लादेशी बंदी के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फरार बंदी की पहचान मो. मन्ना के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रूपगंज थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है। घटना के बाद बिहार पुलिस ने जिलेभर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, बंदी ने डिटेंशन सेंटर के वार्ड की खिड़की तोड़कर फरार होने की योजना को अंजाम दिया। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब जेल प्रशासन द्वारा नियमित बंदी गणना की जा रही थी। गिनती के दौरान एक बंदी कम मिला, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।
शौर्य सुमन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि बांग्लादेशी नागरिक के फरार होने की सूचना मिलते ही केहाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि फरार बंदी का CCTV फुटेज पुलिस के हाथ लग चुका है और उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। साथ ही, जिला प्रशासन पूर्णिया की ओर से जांच के लिए विशेष कमेटी का गठन किया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जेल अधीक्षक मनोज कुमार की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात तीन गृहरक्षकों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। अब जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि बंदी की फरारी में जेल के भीतर या बाहर किसी की मिलीभगत तो नहीं थी।
बताया जाता है कि पूर्णिया सेंट्रल जेल बिहार की हाई-सिक्योरिटी जेलों में गिनी जाती है, जहां करीब 1,900 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें कई अंतरराज्यीय अपराधी और संवेदनशील कैदी भी शामिल हैं। ऐसे में एक विदेशी बंदी का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मो. मन्ना को दिसंबर 2023 में सशस्त्र सीमा बल की 45वीं बटालियन ने सुपौल जिले के भीमनगर बॉर्डर पिलर संख्या 206/05 के पास गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि वह सिलिगुड़ी रूट से भारत में दाखिल हुआ और नेपाल भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से बांग्लादेशी ट्रेन टिकट भी बरामद हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, मो. मन्ना अपनी कानूनी सजा पूरी कर चुका था। इसलिए उसे डिटेंशन सेंटर में तब तक रखा गया था, जब तक भारत और बांग्लादेश सरकारों के बीच उसकी डिपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
फिलहाल पूर्णिया पुलिस, जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां जिले के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट मोड पर हैं। फरार बंदी की तलाश तेज कर दी गई है।