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Tuesday, July 28, 2026

BIHAR:'जनता जैसे समझे, बात से समझे या हथियार से समझे':सीवान में SP के बॉडीगार्ड सिपाही उपेंद्र राणा सस्पेंड

हेडलाइन:

सीवान में SP के बॉडीगार्ड सिपाही उपेंद्र राणा सस्पेंड, हथियार वाला वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई

सबहेडिंग:

प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर 9 MM कार्बाइन के साथ वीडियो पोस्ट, 'बात से समझे या हथियार से' बयान पर मचा बवाल

सीवान: 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वीडियो पोस्ट करने वाले सीवान पुलिस अधीक्षक (SP) पूरन कुमार झा के बॉडीगार्ड सिपाही उपेंद्र राणा को निलंबित कर दिया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने यह कार्रवाई की। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

वीडियो में उपेंद्र राणा हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर 9 एमएम कार्बाइन के साथ नजर आ रहे हैं। वह कहते दिखाई देते हैं कि 25 जुलाई को प्रदर्शन है और वह पूरी तैयारी के साथ ड्यूटी पर तैनात हैं। वीडियो में वह यह भी कहते हैं कि, "जनता बात से समझे या हथियार से, समझाना तो पड़ेगा। सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ तो हथियार उठाकर फायर भी करना पड़ सकता है।"

वीडियो वायरल होने के बाद मचा विवाद

यह वीडियो छात्र प्रदर्शन के बाद तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि इसे उपेंद्र राणा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया था। विवाद बढ़ने के बाद संबंधित अकाउंट को डीएक्टिवेट कर दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान फायरिंग का वीडियो भी आया सामने

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब छात्र प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस जवान द्वारा राइफल से फायरिंग का एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया। इन दोनों वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना है कि प्रदर्शन से पहले इस तरह के बयान प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करते हैं।

SP की ओर से आधिकारिक बयान नहीं

अब तक इस मामले में सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए सिपाही उपेंद्र राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर कार्रवाई की औपचारिक पुष्टि का इंतजार है।

सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के आचरण पर उठे सवाल

इस घटना ने पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया उपयोग, सार्वजनिक आचरण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान संयम और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस की पेशेवर मर्यादा और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।