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Sunday, July 12, 2026

BIHAR:पति-भाई के साथ जाली नोट छाप रही थी महिला, 5.45 लाख की फेक करेंसी जब्त

सीवान: जिले में जाली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सदर-2 एसडीपीओ गौरी कुमारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मैरवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में छापेमारी कर घर के भीतर संचालित नकली नोट बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5.45 लाख रुपये के जाली नोट, एक प्रिंटर, विशेष कागज और 88 हजार रुपये के असली नोट बरामद किए हैं। गिरोह का संचालन कर रही महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसकी निशानदेही पर भाई मनु दुबे को भी गिरफ्तार किया गया। महिला का पति राजकुमार दुबे फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, छापेमारी में 500 रुपये के 750 नकली नोट (कुल 3.75 लाख रुपये), 200 रुपये के 150 नकली नोट (30 हजार रुपये) और 100 रुपये के 1400 नकली नोट (1.40 लाख रुपये) बरामद हुए। इस तरह कुल 5 लाख 45 हजार रुपये की फर्जी करेंसी जब्त की गई। इसके अलावा 88 हजार रुपये के असली नोट भी मिले, जिनका इस्तेमाल नोटों की फोटोकॉपी और सैंपल तैयार करने में किया जाता था।

पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने बताया कि गिरोह बेहद साधारण प्रिंटर और लो-क्वालिटी फोटोकॉपी तकनीक से नकली नोट तैयार करता था। जांच में एक ही सीरीज के बड़ी संख्या में नोट मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि एक साथ कई कागज रखकर नोटों की फोटोकॉपी की जाती थी और फिर उन्हें काटकर बाजार में चलाया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह बड़े प्रतिष्ठानों में नकली नोट नहीं चलाता था। आरोपी भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों, सब्जी बाजारों, फेरीवालों और छोटे दुकानदारों को निशाना बनाते थे। असली नोटों के बीच जाली नोट मिलाकर भुगतान किया जाता था, जिससे छोटे दुकानदारों को तुरंत धोखाधड़ी का पता नहीं चल पाता था।

पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने स्वीकार किया कि वह अपने पति राजकुमार दुबे और भाई मनु दुबे के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को चला रही थी। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

एसपी पूरण कुमार झा ने बताया कि गिरफ्तार महिला और उसके परिवार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। महिला वर्ष 2018 में छपरा के रसूलपुर में जाली नोट सप्लाई करते हुए पकड़ी गई थी। उसका पति राजकुमार दुबे वर्ष 2022 में सीवान के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में जाली नोट मामले में जेल जा चुका है। वहीं, भाई मनु दुबे पर सीवान, सारण और गोपालगंज जिलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी और जाली नोट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में जाली नोट बाजार में पहुंचने से रोक दिए गए। पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।