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बेगूसराय में 22 वर्षीय छात्र ने लगाया पकड़ौआ शादी का आरोप, 34 वर्षीय महिला बोली- दोनों के बीच था प्रेम संबंध
बेगूसराय/बाढ़। बिहार में एक बार फिर कथित पकड़ौआ विवाह का मामला चर्चा में है। खगड़िया जिले के चौथम निवासी और बेगूसराय के जीडी कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहे 22 वर्षीय छात्र नीतीश कुमार ने आरोप लगाया है कि उसकी 34 वर्षीय तलाकशुदा महिला सीता देवी से जबरन शादी करा दी गई। वहीं महिला ने युवक के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दोनों के बीच पिछले दो महीने से प्रेम संबंध था और युवक की इच्छा से ही मंदिर में विवाह हुआ।
नीतीश कुमार ने बताया कि करीब ढाई महीने पहले एक पारिवारिक शादी समारोह में उसकी मुलाकात हाथीदह निवासी सीता देवी से हुई थी। बातचीत के दौरान सीता ने अपनी छोटी बहन से उसकी शादी कराने की बात कही थी। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हो गई।
युवक के अनुसार, गुरुवार को वह जीडी कॉलेज में अपना रिजल्ट लेने और एडमिशन के लिए गया था। इसी दौरान सीता का फोन आया और उसने मिलने की इच्छा जताई। शाम होने पर सीता ने उससे घर छोड़ने को कहा। युवक उसे उसके घर छोड़ने पहुंचा, जहां परिजनों ने रात अधिक होने का हवाला देकर उसे वहीं रुकने के लिए कहा।
नीतीश का आरोप है कि रात में करीब दस युवक वहां पहुंचे और उसे जबरन उठाकर मंदिर ले गए। वहां जान से मारने की धमकी देकर उससे सीता की मांग में सिंदूर भरवाया गया और शादी की रस्में पूरी कराई गईं। अगले दिन कोर्ट में विवाह का पंजीकरण कराने ले जाया गया, लेकिन उसने मैरिज रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और इसे पकड़ौआ विवाह बताया।
दूसरी ओर, सीता देवी ने पूरी तरह अलग दावा किया है। उनका कहना है कि दोनों के बीच पिछले दो महीने से प्रेम संबंध था और नीतीश ने ही कई बार शादी का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया कि वह पहले से तलाकशुदा हैं और एक बच्चे की मां हैं। यह बात उन्होंने पहले ही नीतीश को बता दी थी, इसके बावजूद वह शादी करने पर अड़ा रहा। सीता के अनुसार, युवक ने भविष्य में उसे और उसके बच्चे की जिम्मेदारी उठाने का भरोसा भी दिया था।
सीता का कहना है कि जिस दिन युवक बेगूसराय आया, उसी ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। घर पहुंचने पर परिजनों को पहले से उनके रिश्ते की जानकारी थी, इसलिए परिवार की सहमति से मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि शादी का वीडियो मौजूद है, जिसमें कहीं भी किसी प्रकार की जबरदस्ती दिखाई नहीं देती।
मामला बाढ़ सिविल कोर्ट पहुंचने के बाद युवक के हस्ताक्षर से इनकार करने पर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस दोनों को हाथीदह थाना ले गई। थाना पुलिस ने दोनों की काउंसिलिंग कराई। पुलिस के अनुसार, दोनों बालिग हैं। काउंसिलिंग के बाद युवक महिला को अपने साथ ले जाने के लिए तैयार हो गया और महिला उसके साथ चली गई।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विरोधाभासी दावे कर रहे हैं। युवक जहां इसे जबरन कराई गई पकड़ौआ शादी बता रहा है, वहीं महिला इसे आपसी सहमति और प्रेम संबंध के बाद हुआ विवाह बता रही है। मामले की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।