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Tuesday, July 28, 2026

BIHAR:मनरेगा पीओ और सहायक अकाउंटेंट 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

खगड़िया में निगरानी का बड़ा एक्शन: मनरेगा पीओ और सहायक अकाउंटेंट 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलौली प्रखंड कार्यालय में तैनात मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) रमन जी भाई और सहायक अकाउंटेंट साहिल अकरम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई से पूरे प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया और सरकारी महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मस्टर रोल और भुगतान के बदले मांगी गई थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग को बताया था कि मनरेगा योजना से जुड़े कार्यों की फाइल आगे बढ़ाने, मस्टर रोल क्लियर कराने और भुगतान जारी करने के एवज में अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। कार्यक्रम पदाधिकारी ने 45 हजार रुपये, जबकि सहायक अकाउंटेंट ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।

जाल बिछाकर रंगे हाथ दबोचा

शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही रिश्वत की राशि का लेन-देन हुआ, टीम ने दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके पास से रिश्वत की राशि और अन्य आवश्यक दस्तावेज जब्त किए गए। इसके बाद दोनों को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले जाया गया।

डीएसपी वसीम फिरोज ने क्या कहा?

निगरानी टीम के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि परिवादी ने मनरेगा के कार्यों का भुगतान नहीं मिलने की शिकायत की थी। जांच में सामने आया कि भुगतान जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा 45 हजार रुपये और सहायक अकाउंटेंट द्वारा 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। सत्यापन के बाद कार्रवाई करते हुए दोनों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

कार्यालय में मचा हड़कंप

विजिलेंस की कार्रवाई की खबर फैलते ही अलौली प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई कर्मचारी अपने-अपने कमरों से बाहर निकल आए और पूरे परिसर में इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। आम लोगों और मनरेगा से जुड़े लाभुकों के बीच भी यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही।

पुलिस ने कही जांच जारी रहने की बात

अलौली थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो दोनों आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रिश्वतखोरी का यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़ा है या नहीं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

इस कार्रवाई को खगड़िया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।