भागलपुर में निगरानी का बड़ा एक्शन: बिजली विभाग के जेई और सहयोगी 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, पहले भी जा चुके हैं जेल
भागलपुर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को भागलपुर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) और उसके निजी सहयोगी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शहर के प्रसिद्ध नौलखा कोठी परिसर में की गई, जहां टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
सहयोगी के जरिए ली जा रही थी रिश्वत
निगरानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बिजली विभाग के तिलकामांझी नार्थ सेक्शन में तैनात जूनियर इंजीनियर अमित कुमार अपने निजी सहयोगी सौरभ कुमार के माध्यम से उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करवाते थे। शिकायत के आधार पर टीम ने ट्रैप बिछाया और जैसे ही पीड़ित उपभोक्ता से 4 हजार रुपये की रिश्वत ली गई, उसी समय दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
पटना से पहुंची थी निगरानी की विशेष टीम
कार्रवाई के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और दोनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई। गिरफ्तार जेई अमित कुमार के जिम्मे तिलकामांझी नार्थ सेक्शन था, जिसके अंतर्गत खंजरपुर, नौलखा, एसएम कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था आती है।
बिचौलिया बनकर करता था अवैध वसूली
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरारी निवासी सौरभ कुमार जेई अमित कुमार के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाता था। उपभोक्ताओं से काम कराने के नाम पर रिश्वत की रकम तय करना और उसे वसूलना उसी का काम था।
बताया गया कि बरारी के मायागंज निवासी एक उपभोक्ता से बिजली संबंधी कार्य कराने के एवज में 8 हजार रुपये रिश्वत तय की गई थी। पीड़ित ने पूरी रकम दे भी दी, लेकिन तय समय पर उसका काम नहीं हुआ।
काम नहीं हुआ तो मांगे पैसे वापस
जब उपभोक्ता का काम लंबे समय तक लंबित रहा तो उसने रिश्वत की राशि वापस करने की मांग की। इस दौरान जेई और उसके सहयोगी के साथ उसकी कहासुनी भी हुई। पैसा वापस नहीं मिलने और काम पूरा नहीं होने से परेशान होकर पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कर दी।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने ट्रैप की योजना बनाई और मंगलवार को दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जेई का पुराना रिकॉर्ड भी विवादित
गिरफ्तार जेई अमित कुमार का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। करीब चार वर्ष पहले बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में तैनाती के दौरान उन्हें शराब के नशे में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के कारण इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था।
उस समय विद्युत विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और निलंबन अवधि में कहलगांव अनुमंडल कार्यालय में रिपोर्टिंग करने का आदेश दिया गया था। बाद में बहाल होने के बाद उनकी पोस्टिंग फिर से भागलपुर शहर के महत्वपूर्ण तिलकामांझी नार्थ सेक्शन में कर दी गई थी।
बिजली विभाग में मचा हड़कंप
मंगलवार सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। तिलकामांझी डिवीजन सहित विभाग के अन्य कर्मचारियों के बीच दिनभर इस गिरफ्तारी की चर्चा होती रही। निगरानी विभाग अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटा है कि रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है या नहीं।
पुलिस और निगरानी विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।