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पूर्णिया में 46 हजार रुपये रिश्वत लेते BDO गिरफ्तार, 16 लाख के भुगतान के बदले मांग रहा था कमीशन
पूर्णिया: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राजकुमार चौधरी को 46 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बीडीओ एक वेंडर के 16 लाख रुपये के लंबित बिल का भुगतान करने के एवज में कमीशन की मांग कर रहा था। विशेष निगरानी इकाई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
वेंडर ने दर्ज कराई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया जिले के अनगढ़ निवासी राज किरण ने विशेष निगरानी इकाई को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उन्होंने बैसा प्रखंड में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए करीब 16 लाख रुपये की निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा था।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि प्रखंड विकास पदाधिकारी राजकुमार चौधरी भुगतान जारी करने के लिए 46 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। कई बार अनुरोध करने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर उन्होंने इसकी शिकायत विशेष निगरानी इकाई से की।
जांच में सही पाया गया आरोप
विशेष निगरानी इकाई ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कांड संख्या-21/2026 दर्ज कर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने की योजना बनाई गई।
रिश्वत लेते ही SVU ने दबोचा
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता जब बैसा प्रखंड के बीडीओ राजकुमार चौधरी को 46 हजार रुपये रिश्वत दे रहा था, तभी पहले से मौजूद विशेष निगरानी इकाई की टीम ने मौके पर छापेमारी कर उन्हें रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज
विशेष निगरानी इकाई ने आरोपी बीडीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
निगरानी अदालत में होगी पेशी
विशेष निगरानी इकाई ने बताया कि गिरफ्तार बीडीओ राजकुमार चौधरी को शुक्रवार को पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी है अभियान
बिहार में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी इकाई लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।