सुपौल। सुपौल जिले के जदिया थाना में पुलिस हिरासत के दौरान 25 वर्षीय युवक बिट्टू कुमार की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने थाना के सामने एसएच-91 को जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस जहां इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, वहीं मृतक के परिजन हिरासत में मारपीट के कारण मौत होने का आरोप लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कोरियापट्टी पूर्व पंचायत निवासी बिट्टू कुमार को उसके परिजनों की शिकायत पर डायल-112 की टीम हिरासत में लेकर जदिया थाना पहुंची थी। बताया जा रहा है कि युवक शराब के नशे में था और परिवार के लोग उसके व्यवहार से परेशान थे। इसी कारण उसे सुधार की उम्मीद में पुलिस के हवाले किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक युवक मानसिक तनाव से गुजर रहा था। बुधवार सुबह उसने थाना हाजत के भीतर अपने कपड़े से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही थाना परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हालांकि मृतक के परिजनों ने पुलिस के आत्महत्या के दावे को खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि हिरासत के दौरान बिट्टू कुमार के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिजनों का कहना है कि युवक के शरीर और गले पर मिले निशान पूरे मामले को संदिग्ध बनाते हैं तथा इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने जदिया थाना के सामने एसएच-91 को जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आर. एस. ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जदिया थाना में हुई इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में बंद लोगों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर थाना हाजत के भीतर बिट्टू कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई।