खगड़िया में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा: पांच गिरफ्तार, STF-जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हथियार बनाने की मशीनें और कारतूस बरामद
खगड़िया। बिहार में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खगड़िया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मथार दियारा में संचालित एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में बिहार STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में अर्द्धनिर्मित हथियार, जिंदा कारतूस, हथियार बनाने की मशीनें और कई अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि यहां संगठित तरीके से अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे।
दियारा क्षेत्र में चल रहा था हथियार निर्माण का कारोबार
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 20 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मथार दियारा में कुछ लोग अवैध रूप से हथियार तैयार कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर जिला पुलिस और बिहार STF की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ, जहां हथियार निर्माण का काम जारी था।
मुंगेर और खगड़िया के पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मुंगेर जिले के मिर्जापुर बरदह निवासी मो. जसिम उर्फ डोमु, मो. नौशाद उर्फ भोकचु, मो. नशरुल उर्फ गोपला, साहिल राज तथा खगड़िया मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी राजीव कुमार शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में सभी आरोपियों की संलिप्तता अवैध हथियार निर्माण में सामने आई है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
पांच अर्द्धनिर्मित पिस्टल समेत कई सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच अर्द्धनिर्मित पिस्टल, दो मैगजीन, सात जिंदा कारतूस, एक हैंड ड्रिल मशीन, पांच बेस मशीन, एक बाइक, तीन मोबाइल फोन और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य उपकरण बरामद किए।
बरामद सामान से यह स्पष्ट होता है कि यहां लंबे समय से व्यवस्थित रूप से अवैध हथियार बनाए जा रहे थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
मामले में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 85/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों के खरीदारों और सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
कई पुलिस टीमें रहीं शामिल
इस संयुक्त अभियान में मुफस्सिल थानाध्यक्ष अमरजीत प्रताप सिंह, पुलिस पदाधिकारी गौतम कुमार, डीआईयू टीम, बिहार STF की विशेष टीम तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।