इसी क्रम में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू (Bihar Ex Minister Neeraj Kumar Bablu) ने मंगलवार को धमसेना पहुंचकर रौशन आनंद के परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें सांत्वना दी।
उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि यह खान (Khan Sir) फ्रॉड शिक्षक है। यह उत्तर प्रदेश से बिहार में ठगने के लिए आया है।
उन्होंने आगे कहा कि रौशन आनंद शिक्षा देने का काम करता है। पटना में हुई फायरिंग मामले की भी गिरफ्तारी व अच्छे से जांच होनी चाहिए। प्रिंस की संदिग्ध मौत पर उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है। इसमें बड़ी साजिश की आशंका है।
उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चों को ऐसे शिक्षक से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। कानून के अनुसार दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पूर्व मंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे और उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। वहीं, लोजपा के प्रदेश महासचिव सह पालीगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुनील यादव भी धमसेना पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिले और अपनी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने भी मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के बाद गांव में अब भी शोक का माहौल बना हुआ है। विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दे रहे हैं तथा मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं।
वहीं, मौके पर व्यापार संघ के जिला अध्यक्ष अर्जुन चौधरी, जदयू नेता घनश्याम चौधरी, भाजपा नेता रितेश रंजन, भाजपा युवा अध्यक्ष सुरजीत कुशवाहा, युवा नेता सिद्धार्थ सिद्धू एवं अन्य लोगों ने स्वजन से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।