सहरसा में वासगीत पर्चाधारी महादलित परिवारों का अनशन तेज, सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन
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जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन जारी, न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी
सहरसा | रिपोर्ट – सनातन कुमार
सहरसा में वासगीत पर्चाधारी महादलित परिवारों का संघर्ष अब तेज होता नजर आ रहा है। जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर जारी आमरण अनशन को अब सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिलने लगा है। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड के वार्ड संख्या 6 में वासगीत पर्चाधारी महादलित परिवार भूमि पर अपने अधिकार की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। मंगलवार को उनके आंदोलन को नया बल मिला, जब अधिवक्ता एवं कोशी विकास संघर्ष मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार झा और पूर्व जिला पार्षद सह मोर्चा के संरक्षक प्रवीण आनंद अनशन स्थल पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवारों के समर्थन में खड़े होने की घोषणा की और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
पर्चा मिला, लेकिन जमीन पर नहीं मिला अधिकार
अनशन पर बैठे परिवारों का आरोप है कि सरकार द्वारा वासगीत पर्चा जारी किए जाने के बावजूद आज तक उन्हें जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं दिलाया गया। इसके कारण वे वर्षों से अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों से वंचित हैं।
आंदोलन में शामिल गया देवी, अस्मिता देवी, चंदा देवी, शंभू देवी, ललिता देवी, कमला देवी, विष्णुदेव पासवान, विकास कुमार, सूरज कुमार, भवेश कुमार और मुकेश कुमार पासवान समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला।
महादलितों को न्याय के लिए संघर्ष करना चिंता का विषय
अनशन स्थल पर पहुंचे विनोद कुमार झा ने कहा कि यदि सरकार किसी परिवार को वासगीत पर्चा देती है, तो प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि लाभुकों को जमीन पर विधिवत दखल भी दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि महादलित और कमजोर वर्ग के लोगों को अपने अधिकारों के लिए वर्षों तक संघर्ष करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों की समस्या का तत्काल समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें उनका अधिकार मिल सके।
प्रशासन को चेतावनी, आंदोलन होगा और तेज
पूर्व जिला पार्षद प्रवीण आनंद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि पर्चाधारी परिवारों को उनकी जमीन पर अविलंब कब्जा दिलाया जाए। साथ ही, कब्जा दिलाने में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो व्यापक जनसमर्थन के साथ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालकर अनशन समाप्त कराने की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए।
न्याय की आस में डटे परिवार
महादलित परिवार फिलहाल अपने अधिकार की लड़ाई में अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब इन परिवारों को उनकी जमीन पर वास्तविक अधिकार मिल पाता है।