आटा चक्की चलाने वाले पिता की बेटी बनी अफसर, भाई-बहन ने BPSC में पाई सफलता; बनगांव में जश्न
सहरसा:सीमित संसाधन, आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे हार मान लेती हैं। इसका जीवंत उदाहरण जिले के नगर पंचायत के भाई-बहन श्वेता कुमारी और शिवम कुमार हैं। दोनों ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।
श्वेता कुमारी के पिता वर्षों तक आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते रहे। सीमित आय के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई को कभी बाधित नहीं होने दिया। श्वेता ने बनगांव से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद से इंटरमीडिएट किया।
इसके बाद उन्होंने से हिंदी साहित्य में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। नियमित 8 से 10 घंटे की पढ़ाई, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की।
वहीं शिवम कुमार का संघर्ष भी कम प्रेरणादायक नहीं है। बचपन में पिता के निधन के बाद उनका पालन-पोषण ननिहाल में हुआ। उनकी मां अस्पताल में नर्स की नौकरी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाती रहीं।
शिवम ने , सहरसा और से शिक्षा प्राप्त की। पहले एसएससी सीजीएल के माध्यम से पोस्टल असिस्टेंट बने, फिर बिहार सचिवालय में सहायक अनुभाग पदाधिकारी (ASO) के पद पर चयनित हुए।
इसके बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना नहीं छोड़ा और अंततः BPSC में सफलता हासिल कर ली।
पटना में तैयारी के दौरान दोनों भाई-बहन ने साथ रहकर पढ़ाई की। नोट्स साझा किए, मॉक टेस्ट दिए और एक-दूसरे की कमजोरियों को दूर करने में मदद की। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर दोनों ने एक साथ सफलता का मुकाम हासिल किया।
परिणाम घोषित होने के बाद परिवार और पूरे बनगांव में खुशी का माहौल है। ‘आईएएस फैक्ट्री’ के नाम से पहचान बना चुके इस गांव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन से हर सपना साकार किया जा सकता है।
श्वेता और शिवम की सफलता आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।