सिंहेश्वर (मधेपुरा): सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने पार्किंग शुल्क में कथित अनियमितता और निर्धारित शर्तों के उल्लंघन को लेकर पार्किंग संवेदक की बंदोबस्ती रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही मंदिर परिसर की पार्किंग से अब विभागीय स्तर पर वसूली शुरू कर दी गई है।
सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सचिव सह उप विकास आयुक्त अनिल बसाक ने पार्किंग संवेदक विजय सिंह को जारी पत्र में बताया कि मंदिर न्यास समिति के अधीन साइकिल स्टैंड एवं अन्य वाहनों की पार्किंग की वित्तीय वर्ष 2025-28 की बंदोबस्ती 1 करोड़ 66 लाख रुपये में दी गई थी। हालांकि श्रद्धालुओं की लगातार शिकायतें मिलीं कि निर्धारित दर से अधिक पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।
न्यास समिति ने इस संबंध में कई बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा और निर्धारित पार्किंग शुल्क का बैनर लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही निर्देशों का पालन किया गया। इसके अलावा संवेदक पर जुर्माना भी लगाया गया था।
पत्र में कहा गया है कि एकरारनामा के अनुसार दूसरी किस्त की राशि 4 जून 2026 से पहले जमा करनी थी, लेकिन 55 लाख 33 हजार 333 रुपये की दूसरी किस्त अब तक जमा नहीं की गई। इसके लिए मई और जून 2026 में भी नोटिस जारी किए गए थे।
इन परिस्थितियों को देखते हुए 4 जून 2026 को आयोजित न्यास समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पार्किंग बंदोबस्ती रद्द करने और विभागीय वसूली शुरू करने का निर्णय लिया गया। संवेदक को तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया है। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच न्यास समिति के लेखापाल और प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से पार्किंग की विभागीय वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई की सूचना समिति के सभी सदस्यों, स्थानीय प्रशासन, न्यायालय, जिला प्रशासन तथा बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को भी भेज दी गई है।
मुख्य बिंदु:
पार्किंग में अधिक शुल्क वसूली की शिकायत पर कार्रवाई।
1.66 करोड़ रुपये की पार्किंग बंदोबस्ती पर संकट।
55.33 लाख रुपये की दूसरी किस्त जमा नहीं होने का आरोप।
तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने का निर्देश।
मंदिर न्यास समिति ने शुरू की विभागीय वसूली।