मधेपुरा में तीन नए थानाध्यक्षों की तैनाती, 24 घंटे में योगदान का आदेश
कुमारखंड (मधेपुरा)। मधेपुरा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जिले के तीन पुलिस अवर निरीक्षकों का स्थानांतरण करते हुए उन्हें नए थानों में थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया गया है। एसपी कार्यालय से जारी जिलादेश के अनुसार, कुमारखंड प्रखंड के बेलारी थाना, ग्वालपाड़ा प्रखंड के अरार थाना तथा आलमनगर प्रखंड के रतवारा थाना में नए थानाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। सभी अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर नए पद पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक, अवर निरीक्षक सुड्डू कुमार को मुरलीगंज थाना से स्थानांतरित कर रतवारा थानाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अवर निरीक्षक धीरज कुमार को अरार थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अवर निरीक्षक स्नेहा कुमारी को मधेपुरा थाना से स्थानांतरित कर बेलारी थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
सड़क हादसे के बाद खाली पड़े थे पद
गौरतलब है कि 11 जून की रात बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे में अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की जान चली गई थी।
तीनों अधिकारी राज्य पुलिस मुख्यालय में सीसीटीएनएस प्रशिक्षण पूरा कर मधेपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान उनका वाहन हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना में तीनों थानाध्यक्षों के अलावा निजी वाहन चालक की भी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तीनों थानों में थानाध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था।
स्वच्छ सेवा रिकॉर्ड वालों को ही मिलेगी थानेदारी
एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि थानाध्यक्ष और अंचल पुलिस निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर वही अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे जिनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह स्वच्छ हो। ऐसे अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके खिलाफ कोई गंभीर विभागीय जांच या आपराधिक मामला लंबित नहीं हो।
सरकार के तय मानकों के अनुसार, जिन पुलिस पदाधिकारियों को किसी न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया हो या विभागीय कार्रवाई में तीन या उससे अधिक बड़ी सजाएं मिली हों, उन्हें थानाध्यक्ष जैसे पदों पर तैनात नहीं किया जाएगा।
शराबबंदी कानून में लापरवाही पर सख्ती
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्षों पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे अधिकारियों को अगले 10 वर्षों तक थानाध्यक्ष या समान महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती नहीं दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से कानून-व्यवस्था बेहतर होगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।