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Thursday, June 4, 2026

BIHAR:‘बचपन से बेटे की तरह पाला, अब बेटा और बहू दोनों मिल गए’: जेंडर ट्रांजिशन के बाद राहुल बने राखी के पिता का बयान

हेडलाइन:
‘बचपन से बेटे की तरह पाला, अब बेटा और बहू दोनों मिल गए’: जेंडर ट्रांजिशन के बाद राहुल बने राखी के पिता का बयान

सबहेड:
जमुई में जेंडर ट्रांजिशन और शादी की चर्चित कहानी; पिता ने फैसले का किया समर्थन, जबकि नयनश्री की मां ने जताई नाराजगी

जमुई:
जमुई जिले में जेंडर ट्रांजिशन के बाद राहुल कुमार (पूर्व में राखी कुमारी) और बीपीएससी शिक्षिका नयनश्री कुमारी की शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच राहुल के पिता नारायण दास ने अपने बच्चे के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्होंने राखी को बचपन से ही बेटे की तरह पाला था और अब परिवार में बेटा और बहू दोनों आ गए हैं।

नारायण दास ने बताया कि उनके घर पहले से दो बेटियां थीं और परिवार तीसरे बच्चे के रूप में बेटे की उम्मीद कर रहा था। लेकिन तीसरी संतान के रूप में भी बेटी का जन्म हुआ। इसके बावजूद उन्होंने राखी को बचपन से लड़कों की तरह पाला-पोसा।

बचपन से लड़कों जैसा था रहन-सहन

परिवार के अनुसार, राखी ने कभी फ्रॉक या पारंपरिक लड़कियों के कपड़े नहीं पहने। वह हमेशा हाफ पैंट, शर्ट और बाद में पैंट-शर्ट पहनती थी। क्रिकेट, फुटबॉल जैसे खेलों में उसकी विशेष रुचि थी और अधिकतर समय लड़कों के साथ बिताती थी।

पिता का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ उसकी चाल-ढाल, आवाज और व्यवहार में भी लड़कों जैसी विशेषताएं दिखाई देने लगी थीं। वह बाइक चलाती थी और स्वतंत्र रूप से घूमती-फिरती थी। परिवार ने इसे उसके स्वभाव का हिस्सा मानकर कभी रोकने की कोशिश नहीं की।

10वीं कक्षा से दिखने लगा था नयनश्री के प्रति लगाव

नारायण दास ने बताया कि जब राखी 10वीं कक्षा में पढ़ती थी, तभी परिवार को नयनश्री के प्रति उसके विशेष लगाव का एहसास होने लगा था। हालांकि दोनों रिश्ते में फुफेरी बहन थीं और बचपन से साथ रहती थीं, इसलिए परिवार ने उनकी नजदीकियों को सामान्य दोस्ती ही समझा।

दोनों ने साथ पढ़ाई की, साथ कोचिंग की और बाद में ग्रेजुएशन के दौरान भी एक ही जगह रहकर शिक्षा प्राप्त की। समय के साथ उनकी दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।

परिवार को बताए बिना कराया जेंडर ट्रांजिशन

परिजनों के मुताबिक, वर्ष 2025 में राखी ने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की। पिता ने बताया कि ऑपरेशन से पहले घर में एक अलग वॉशरूम बनवाया गया था, लेकिन तब किसी को इसकी असली वजह नहीं पता थी।

बाद में राखी और नयनश्री दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले। कुछ समय बाद परिवार को जानकारी मिली कि राखी ने जेंडर ट्रांजिशन करवा लिया है और अब वह राहुल कुमार के रूप में अपनी पहचान रखता है।

पिता ने कहा कि शुरुआत में परिवार को आश्चर्य जरूर हुआ, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया।

खर्च को लेकर परिवार ने जताई अनभिज्ञता

नारायण दास ने कहा कि जेंडर ट्रांजिशन में हुए खर्च की जानकारी उन्हें नहीं है। परिवार की ओर से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी गई थी। ऑपरेशन कब और कैसे हुआ, इसकी जानकारी भी बाद में मिली।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया में करीब 8 लाख रुपये खर्च हुए। बताया जा रहा है कि इस राशि की व्यवस्था बैंक ऋण के माध्यम से की गई थी।

पिता बोले- बच्चे की खुशी सबसे महत्वपूर्ण

राहुल और नयनश्री की शादी पर प्रतिक्रिया देते हुए नारायण दास ने कहा कि उन्हें शादी की जानकारी बाद में मिली, लेकिन अब वे बच्चों की खुशी में अपनी खुशी देखते हैं।

उन्होंने कहा, "जिसे मैंने बेटे की तरह पाला, आज वही परिवार की जिम्मेदारियां संभालेगा। हमारे लिए बच्चे की खुशी सबसे महत्वपूर्ण है। अब हमारे घर बेटा भी है और बहू भी।"

नयनश्री की मां ने जताई नाराजगी

वहीं दूसरी ओर नयनश्री की मां बबीता देवी ने इस रिश्ते पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दोनों की दोस्ती शादी तक पहुंच जाएगी।

उन्होंने कहा कि परिवार को अपनी बेटी से काफी उम्मीदें थीं। बीपीएससी शिक्षक बनने के बाद उनसे छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग की अपेक्षा थी। उनका आरोप है कि बेटी ने फैसला लेते समय परिवार की सामाजिक और पारिवारिक स्थिति के बारे में नहीं सोचा।

बचपन की दोस्ती से शादी तक का सफर

राहुल और नयनश्री रिश्ते में फुफेरी बहन हैं। दोनों ने वर्ष 2019 में साथ मैट्रिक परीक्षा पास की थी। इसके बाद इंटरमीडिएट, स्नातक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी साथ की।

वर्ष 2023 में दोनों पटना जाकर बीपीएससी की तैयारी करने लगे। 2025 में नयनश्री का चयन शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यम से हुआ और उन्होंने सरकारी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यभार संभाला।

इसी दौरान दोनों ने अपने रिश्ते को नया रूप देने का फैसला किया। जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राहुल और नयनश्री ने विवाह कर लिया, जिसकी चर्चा अब पूरे बिहार में हो रही है।

फिलहाल यह मामला सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।