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Thursday, June 18, 2026

BIHAR:'जरूरी था तो भरत तिवारी का हाफ एनकाउंटर कर देते', सम्राट चौधरी के मंत्री मिथिलेश ने भोजपुर पुलिस को घेरा

बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। एक तरफ परिजन और स्थानीय लोग इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं।

अब सम्राट सरकार में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी भोजपुर पुलिस को घेर लिया है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मंत्री ने कहा कि पुलिस को पहले भरत तिवारी के आपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था। अगर जरूरी ही था तो हाफ एनकाउंटर करना चाहिए था।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को गोपालगंज में मीडिया से बातचीत में कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, उस बच्चे जिसका एनकाउंटर हुआ है, उसने जो व्यवहार सोशल मीडिया पर दिखाया वो अच्छा नहीं था। लेकिन पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था, अगर जरूरी ही था तो हाफ एनकाउंटर ही करना चाहिए था। बिहार सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है, चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की पूरी जांच होगी, जो भी दोषी होगा उन पर कार्रवाई होगी।"

पुलिस ने बताया था मानसिक बीमार

भोजपुर पुलिस ने बुधवार को जारी बयान में भरत तिवारी को मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति बताया था। वह लगातार पुलिस और प्रशासन को सोशल मीडिया पर चुनौती दे रहा था। उसके पास अवैध पिस्टल भी थी, जिससे वह पुलिसकर्मियों को धमका रहा था। उसे पकड़ने गई टीम पर भरत ने फायरिंग भी कर दी थी।

एनकाउंटर से पहले सरेंडर का वीडियो वायरल

शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी को पुलिस दो दिनों से पकड़ने की कोशिश कर रही थी। बुधवार सुबह लगभग 9 बजे पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया था। भरत तिवारी ने अपने फेसबुक अकाउंटर से इसका लाइव भी किया था। आखिरी फेसबुक लाइव में वह पुलिसकर्मियों के सामने बंदूक फेंककर सरेंडर करता हुआ दिखाई दिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। परिजन भी आरोप लगा रहे हैं कि सरेंडर करने के बावजूद भरत को पुलिस ने मार दिया।

हालांकि, भोजपुर के एसपी राज द्वारा बुधवार शाम को जारी बयान में कहा गया कि भरत तिवारी ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान भरत के पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पुलिस बोली- पैर में गोली मारी, परिजन ने कहा- चार बुलेट लगीं

भोजपुर पुलिस ने अपने बयान में कहा कि भरत तिवारी पर पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। उसे पैर में गोली लगी थी। हालांकि, परिजन आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने उसे चार गोलियां मारी थीं, जिससे उसकी मौत हो गई। पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि भरत ने अपना हथियार सौंप कर सरेंडर कर दिया था, इसके बाद उसे गोलियां मारी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोली लगने से घायल भरत तिवारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल के बजाय रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां से फिर रेफर किया गया था।

4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

इस घटना के बाद भोजपुर के एसपी राज ने 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। सस्पेंड होने वालों में शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकर भी शामिल हैं। एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानने और वीडियो वायरल होने के मामले में थानेदार ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही माना गया है। एसपी ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

हथियार फेंकने के बाद गोली मारे जाने की निंदा

भरत तिवारी की एनकाउंटर में मौत के बाद शाहपुर में लोगों का गु्स्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने भरत के हथियार फेंके जाने के बाद उसे गोली जाने की निंदा की है। लोगों का कहना है कि पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए था। शाहपुर के पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने भी कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक का एनकाउंटर अनुचित है। शाहपुर के भाजपा विधायक राकेश ओझा ने कहा कि वह लोगों के साथ खड़े हैं। वह एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं, तो सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।