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Saturday, June 13, 2026

BIHAR:419 KG गांजा बरामद, डायल 112 का चालक समेत 4 गिरफ्तार, थानाध्यक्ष और एसआई सस्पेंड

हेडलाइन:
मधुबनी में 419 किलो गांजा बरामद: STF की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, थानाध्यक्ष सस्पेंड; पुलिसकर्मियों की मिलीभगत उजागर
मधुबनी: भारत-नेपाल सीमा से सटे मधुबनी जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 419 किलो गांजा बरामद किया है। बासोपट्टी थाना क्षेत्र में एसपी योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित एसटीएफ की टीम ने एक पिकअप वाहन से गांजे की भारी खेप पकड़ी। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले में पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी विनोद सहनी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, तस्करों से कथित सांठगांठ और लापरवाही के आरोप में विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि बासोपट्टी के रास्ते गांजे की बड़ी खेप तस्करी कर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर सचिदानंद कुमार और एसटीएफ की विशेष टीम ने झिटकोहिया-कौआहा मुख्य सड़क पर नाकेबंदी कर एक संदिग्ध पिकअप वैन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मनोज कुमार तिवारी स्वयं बासोपट्टी थाना पहुंचे और पूरे मामले की गहन समीक्षा की। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस अवैध कारोबार में कुछ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है।
एसपी ने बताया कि तस्करी को संरक्षण देने के आरोप में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) के चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा, ड्यूटी से गायब रहने वाले डायल 112 के पदाधिकारी हीरा पंडित को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
एसटीएफ ने पिकअप के ड्राइवर, खलासी और तस्करों को रास्ता साफ कराने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। गिरोह के मुख्य सरगना विनोद सहनी को भी दबोच लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क लंबे समय से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते सक्रिय था।
डीएसपी सचिदानंद कुमार ने बताया कि मामले में तेजी से कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब तक जांच में आधा दर्जन से अधिक लोगों की संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे सिंडिकेट के पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।