बरबीघा (शेखपुरा)। फादर्स डे के अवसर पर जहां लोग अपने पिता को उपहार देकर सम्मान जताते हैं, वहीं बरबीघा की दो बेटियों ने अपनी सफलता से अपने पिता को ऐसा उपहार दिया है, जिसे वह जीवन भर नहीं भूल पाएंगे।
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सगी बहनों जया लक्ष्मी और विजया लक्ष्मी ने एक साथ सफलता हासिल कर राजस्व पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है।
दोनों बहनें बरबीघा के श्रीकृष्ण चौक के समीप रहने वाले व्यवसायी प्रवीण कुमार की पुत्रियां हैं। प्रवीण कुमार स्थानीय स्तर पर स्टील पाइप का व्यवसाय करते हैं। बीपीएससी का परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। अपनी दोनों बेटियों की सफलता से पिता प्रवीण कुमार फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की मेहनत और लगन ने वर्षों के सपनों को साकार कर दिया है।
जया लक्ष्मी और विजया लक्ष्मी का ननिहाल बरबीघा प्रखंड के तोयगढ़ गांव में है। उनके नाना रामनरेश सिंह बरबीघा नगर परिषद में कर्मी के रूप में कार्यरत थे। परिवार के लोगों का कहना है कि शिक्षा और मेहनत के संस्कार उन्हें अपने नाना और माता-पिता से विरासत में मिले हैं।
बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में दो सगी बहनों का एक साथ चयन होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिणाम घोषित होने के बाद रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है। तोयगढ़ गांव और बरबीघा नगर के लोगों ने भी दोनों बेटियों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जया लक्ष्मी और विजया लक्ष्मी की सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
दोनों बहनों की उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शेखपुरा जिले के लिए गौरव की बात है। उनकी सफलता से क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
फादर्स डे के मौके पर मिली इस सफलता ने प्रवीण कुमार के परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है। लोगों का कहना है कि इससे बड़ा उपहार किसी पिता के लिए शायद ही कोई और हो सकता है।
माता ने भी किया है संघर्ष
दोनों बेटियों को पढ़ने के लिए माता के संघर्ष को भी लोग याद कर रहे हैं। बताया जाता है कि दोनों की तैयारी अभी दिल्ली में हो रही थी जहां माता रहकर दोनों की देखभाल कर रही थी।
सेंट्रल स्कूल पटना से पढ़ाई
पिता ने बताया कि दोनों बेटियों की पढ़ाई पहले दुर्गापुर में हुई है। जहां वह निजी कंपनी में नौकरी करते थे। जिसके बाद जब वह बिहार आ गए तो उसके बाद पटना सेंट्रल स्कूल में पढ़ाई हुई। फिर विमेंस कॉलेज से पढ़ाई करते हुए दोनों बेटियों ने तैयारी की और सफलता पाई।