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Saturday, June 6, 2026

BIHAR:मेरा काम अधिकारियों तक घूस पहुंचाना और बेनामी संपत्तियां खरीदना था', SVU की पूछताछ में रिशु श्री के डमी डायरेक्टर ने खोले कई राज

रिशु श्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार गिरफ्तार, SVU जांच में कई अहम खुलासों का दावा

पटना। टेंडर और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े चर्चित मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने टेंडर कारोबारी रिशु श्री के करीबी सहयोगी और उसकी कंपनियों में डमी डायरेक्टर के रूप में कार्यरत रहे संतोष कुमार को पटना के मीठापुर इलाके से गिरफ्तार किया है। SVU का दावा है कि पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने कथित रिश्वतखोरी, बेनामी संपत्तियों, फर्जी बिलिंग और करोड़ों रुपये के टेंडर नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए हैं।

15 वर्षों से था कारोबारी नेटवर्क का हिस्सा

जांच एजेंसी के अनुसार संतोष कुमार पिछले करीब 15 वर्षों से रिशु श्री के वित्तीय और कारोबारी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। वह कथित तौर पर विभिन्न कंपनियों के संचालन, वित्तीय लेन-देन और अन्य संवेदनशील कार्यों में अहम भूमिका निभाता था।

अधिकारियों तक रिश्वत पहुंचाने का आरोप

SVU के मुताबिक पूछताछ में संतोष कुमार ने स्वीकार किया कि उसका मुख्य कार्य अधिकारियों तक कथित रिश्वत पहुंचाना और रिशु श्री के लिए बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की व्यवस्था करना था। एजेंसी अब इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

फर्जी खर्च और नकदी निकासी का दावा

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि रिशु श्री की कंपनी ‘मातृस्वा कंस्ट्रक्शन’ में कई बार बढ़ा-चढ़ाकर या कथित रूप से फर्जी खर्च दर्शाए जाते थे। इन खर्चों के आधार पर कंपनी खातों से बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जाती थी, जिसका उपयोग कथित तौर पर रिश्वत भुगतान में किया जाता था।

ईंधन के फर्जी बिलों का भी आरोप

SVU के अनुसार कंपनी में वाहनों के ईंधन से संबंधित कथित फर्जी बिल तैयार कर अतिरिक्त खर्च दिखाया जाता था। इसके माध्यम से नकदी जुटाने की व्यवस्था की जाती थी। एजेंसी इन दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

बेनामी संपत्तियों की खरीद में भूमिका

जांच एजेंसी का दावा है कि कई अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में संतोष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आरोप है कि वह बेनामी संपत्तियों के लेन-देन की योजना और प्रबंधन से जुड़ा था।

125 करोड़ रुपये के टेंडर की जांच

SVU की जांच में 125 करोड़ रुपये के एक टेंडर का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि जल संसाधन विभाग से जुड़े इस कार्य को पहले एक बाहरी कंपनी को आवंटित किया गया और बाद में सब-कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से इसे ‘मातृस्वा कंस्ट्रक्शन’ को सौंप दिया गया। एजेंसी इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है।

IAS संजीव हंस का नाम भी जांच के दायरे में

SVU एफआईआर संख्या 5/25 के तहत मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार इस मामले में तत्कालीन जल संसाधन विभाग के सचिव रहे का नाम भी जांच के दायरे में है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

मोबाइल से मिले दस्तावेज

एजेंसी का दावा है कि मुख्य आरोपी रिशु श्री के मोबाइल फोन से कई गोपनीय सरकारी दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये दस्तावेज उसके पास कैसे पहुंचे और इनका उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।

जांच का दायरा बढ़ने के संकेत

SVU का मानना है कि संतोष कुमार की गिरफ्तारी मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है। एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे कथित टेंडर घोटाले, रिश्वतखोरी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया एवं आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।