पूर्णिया। दसवीं की एक छात्रा के अपहरण के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी स्वीटी सहरावत ने धमदाहा थाना की अपर थाना अध्यक्ष पुष्पा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बताया जाता है कि 4 जून को अपहृता के पिता चंद्रशेखर सिंह ने पुलिस कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में स्वयं उपस्थित होकर एसपी को एक आवेदन सौंपा था।
इस आवेदन में उन्होंने मुख्य आरोपी शिवराज ठाकुर की गिरफ्तारी न होने, परिवार को डराने-धमकाने, अपहृता का चिकित्सीय परीक्षण (Medical Test) न कराने और केस डायरी (कांड दैनिकी) में झूठी बातें लिखने का आरोप लगाया था।
उन्होंने यह भी कहा कि अपहृता से जबरन हस्ताक्षर करवाए गए हैं और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने महिला दंडाधिकारी की उपस्थिति में न्यायालय के समक्ष अपहृता का बयान दर्ज कराने की मांग की थी।
एसपी ने इस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई। जांच में यह बात सामने आई कि पुलिस अवर निरीक्षक पुष्पा कुमारी ने अपहृता को चिकित्सीय परीक्षण न कराने के लिए उकसाया (दुष्प्रेरित किया) था, जिसके परिणामस्वरूप अपहृता ने मेडिकल टेस्ट कराने से इनकार कर दिया।
यह भी पता चला कि अपहृता को 23 मई 2026 को बरामद किया गया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। जांचकर्ता (अनुसंधानक) का यह कृत्य अभियोजन पक्ष को कमजोर करने वाला और आरोपी पक्ष को लाभ पहुंचाने वाला पाया गया।
इस मामले में पुलिस की निष्पक्षता और वैज्ञानिक अनुसंधान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रभावी पुलिस कार्रवाई से ही दोषियों को दंड और निर्दोषों को न्याय मिलता है।
एसपी ने माना कि पुष्पा कुमारी का यह कृत्य पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह नाबालिगों से जुड़े मामलों में उनकी लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
इस गंभीर लापरवाही के कारण पुष्पा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, पूर्णिया रहेगा।