Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR: रिश्वत कांड में महिला SI दोषी: 10 हजार घूस लेते पकड़ी गईं पूनम कुमारी, 3 साल की कठोर कैद - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Wednesday, June 24, 2026

BIHAR: रिश्वत कांड में महिला SI दोषी: 10 हजार घूस लेते पकड़ी गईं पूनम कुमारी, 3 साल की कठोर कैद

 

हाजीपुर रिश्वत कांड में महिला SI दोषी: 10 हजार घूस लेते पकड़ी गईं पूनम कुमारी, 3 साल की कठोर कैद

हाजीपुर नगर थाना में तैनात रहीं तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को भ्रष्टाचार के एक मामले में विशेष निगरानी अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को अतिरिक्त तीन महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा।

14 नवंबर 2024 को हुई थी गिरफ्तारी

यह मामला 14 नवंबर 2024 का है। आरोप के अनुसार, तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी ने नितेश बस सर्विस के प्रबंधक पंकज कुमार द्विवेदी से बस संख्या BR-31P 5778 को डीटीओ कार्यालय से रिलीज कराने के लिए आवश्यक पत्राचार के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने इस मामले की सूचना विशेष निगरानी इकाई (SVU) को दी, जिसके बाद पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई।

शिकायत के बाद निगरानी टीम ने बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर टीम ने हाजीपुर स्थित पूनम कुमारी के निजी आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ SVU थाना कांड संख्या 06/2024 के तहत मामला दर्ज किया गया और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।

विशेष अदालत ने सुनाया सख्त फैसला

मामले की सुनवाई पटना स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) अतुल कुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान और निगरानी टीम की रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने पूनम कुमारी को दोषी पाया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि भ्रष्टाचार जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनी रहे। इसी आधार पर अदालत ने दोषी को तीन साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया।

पुलिस विभाग में मची हलचल

पूनम कुमारी की गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में थीं। अब अदालत के फैसले के बाद पुलिस महकमे में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। निगरानी इकाई की इस कार्रवाई और अदालत के सख्त रुख को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।